ब्रेकिंग
मुरैना में 'जहर' पर मेहरबानी: क्या मिलावटखोरों के 'कवच' बन गए हैं अधिकारी गुप्ता? मुरैना पुलिस की 'सेलेक्टिव होली': सच दिखाने वालों से दूरी, वाह-वाही करने वालों पर 'रंग' की बौछार! यूजीसी और आरक्षण को लेकर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की दो दिवसीय राष्ट्रीय बैठक इंदौर में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित मंडला पुलिस की त्वरित कार्रवाई डकैती के पांच आरोपी जबलपुर से गिरफ्तार, रकम एवं उपयोग की गई कार बरामद भिंड के गोहद चौराहा थाना क्षेत्र के बिरखडी गांव के पास तेज़ रफ़्तार ट्रक ने ट्रेक्टर ट्रॉली में मारी... असम में राजधानी एक्सप्रेस से टकराकर 7 हाथियों की मौतः एक घायल; ट्रेन के 5 डिब्बे-इंजन पटरी से उतरे भिंड में रेत माफियाओं पर कार्रवाई के समय रेत माफियाओं ने एसडीएम की गाड़ी को मारी टक्कर बाल-बाल बचे। अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर पोस्ट मेन ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला की समाप्त ग्वालियर पुलिस लाइन के क्वार्टर में प्रधान आरक्षक ने की आत्महत्या, मचा हड़कंप
मुख्य समाचार

दिव्यांग शिक्षकों के प्रमाण पत्र हुए चेक मेडिकल बोर्ड करेगा दिव्यांगता प्रतिशत की जांच।

मुरैना: फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्रों से नौकरी प्राप्त करने वाले जो संविदा शिक्षक शक के दायरे में आए हैं उनको मंगलवार को डिप्टी कलेक्टर राजन नाडिया के सामने पेश किया गया। 22 शिक्षकों को बुलाया गया था, जिनमें से आधे से अधिक शिक्षक उपस्थित हुए। डिप्टी कलेक्टर व जिला शिक्षा अधिकारी के नेतृत्व में गठित टीम ने, प्रमाण पत्रों की जांच की। प्रदेश की संविदा शिक्षक परीक्षा में कई शिक्षक फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्रों से नौकरी पा गए हैं। इनमें से सबसे अधिक दिव्यांग शिक्षक मुरैना जिले से हैं। जब इन शिक्षकों का भंडाफोड़ हुआ तो कई शिक्षकों ने तो अपने पद से त्यागपत्र ही दे दिया। इसके बाद अब अंचल के 22 शिक्षकों को डिप्टी कलेक्टर राजन नाडिया व जिला शिक्षा अधिकारी एके पाठक की उपस्थिति में मौजूद जांच समिति ने उनके दिव्यांग प्रमाण पत्रों की बारीकी से जांच की। जांच में अधिकांश वे शिक्षक आए थे जो हाथ पैरों से ऑर्थोपेडिक विकलांग थे तथा उनकी विकलांगता सामने दिखाई दे रही थी। इसके अलावा वे शिक्षक नजर नहीं आए जो कान व अन्य श्रेणियों में विकलांग थे डिप्टी कलेक्टर नाडिया ने पत्रकारों को बताया कि मैं यहां केवल दिव्यांग प्रमाण पत्रों की जांच करने के लिए बैठा हूं। अब दिव्यांग प्रमाण पत्र में दिव्यांग ने दिव्यांगता का जो प्रतिशत लिखवाया है, उसके हिसाब से क्या वह वास्तव में दिव्यांग है, इसका निर्णय मेडिकल बोर्ड लेगा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button