ब्रेकिंग
मुरैना में 'जहर' पर मेहरबानी: क्या मिलावटखोरों के 'कवच' बन गए हैं अधिकारी गुप्ता? मुरैना पुलिस की 'सेलेक्टिव होली': सच दिखाने वालों से दूरी, वाह-वाही करने वालों पर 'रंग' की बौछार! यूजीसी और आरक्षण को लेकर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की दो दिवसीय राष्ट्रीय बैठक इंदौर में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित मंडला पुलिस की त्वरित कार्रवाई डकैती के पांच आरोपी जबलपुर से गिरफ्तार, रकम एवं उपयोग की गई कार बरामद भिंड के गोहद चौराहा थाना क्षेत्र के बिरखडी गांव के पास तेज़ रफ़्तार ट्रक ने ट्रेक्टर ट्रॉली में मारी... असम में राजधानी एक्सप्रेस से टकराकर 7 हाथियों की मौतः एक घायल; ट्रेन के 5 डिब्बे-इंजन पटरी से उतरे भिंड में रेत माफियाओं पर कार्रवाई के समय रेत माफियाओं ने एसडीएम की गाड़ी को मारी टक्कर बाल-बाल बचे। अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर पोस्ट मेन ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला की समाप्त ग्वालियर पुलिस लाइन के क्वार्टर में प्रधान आरक्षक ने की आत्महत्या, मचा हड़कंप
देश

नाली नहीं वर्षा का पानी घुस रहा बस्ती में

äअंबिकापुर। सरगुजा जिले के मैनपाट विकासखंड के तराई क्षेत्र में बसे एक दर्जन से अधिक ग्राम पंचायतों के हजारों की आबादी को तहसील व ब्लाक मुख्यालय नर्मदापुर से जोड़ने वाले कण्डराजा-पेंट पीडिया मार्ग निर्माण में लापरवाही बरती जा रही है।वर्षा जल के निकासी की व्यवस्था नहीं होने के कारण पेंट घाट में निर्माणाधीन सड़क का बड़ा हिस्सा पहले ही पानी में बह गया है इधर वर्षा जल पेंट बस्ती में प्रवेश कर रहा है। धान के खेत पानी में डूब रहे हैं।

बस्ती में भी पानी घुसने के कारण कच्चे मकानों की सुरक्षा को लेकर ग्रामीण चिंतित हैं। आठ करोड़ की लागत से बनाई जा रही सड़क में तकनीकी मापदंडों का सही से पालन नहीं किए जाने के कारण समस्या बढ़ती जा रही है।विभागीय अधिकारी भी समस्या को दूर करने सार्थक प्रयास नहीं कर रहे हैं।ग्राम पेंट में निर्माणाधीन सड़क के किनारे नाली निर्माण के अभाव में वर्षा का पानी गांव में घुस रहा है।निकासी के अभाव वर्षा का पानी कई घरों के अलावा खेत मे लगी धान की फसल को अपनी चपेट में ले लिया है।वर्षा का पानी घरों में भर रहा है।नाली के अभाव में वर्षा का पानी खेती बर्बाद करने के साथ घरों के लिए भी बड़ा खतरा बन रहे है।उन्होंने विभागीय अधिकारियों पर नाली निर्माण में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए कहा कि निर्माणाधीन सड़क के किनारे नाली बन गई होती तो आज ये स्थिति नही होती।

इस संबंध में ग्रामीण विजय राठिया, जगदीश, रामविलास,कमलेश का कहना है कि पूर्व में भी वर्षा की चपेट में आने से पेंट घाट की सड़क बह गई थी और वर्षा का पानी गांव मे घुस आया था।जिसे देखते हुए निर्माणाधीन सड़क किनारे नाली निर्माण की मांग की गई थी।जिसे विभागीय अधिकारियों ने अनसुना कर दिया।जब तक सड़क किनारे नाली निर्माण नही कराया जाता है तब तक गांव का यही हाल रहेगा।ग्रामीणों ने सड़क निर्माण के साथ नाली निर्माण कराने की मांग की है ताकि वर्षा के दिनों में परेशानी ना उठानी पड़े।

पहले जल निकासी का प्रबंध जरूरी

पेंट घाट में पहाड़ का पानी वर्षा के दिनों में पूरे वेग से बहता है। जबतक सड़क के दोनों ओर जल निकासी के लिए नाली का निर्माण या रिटेनिग वाल का निर्माण नहीं किया जाएगा, तब तक राशि खर्च करने का कोई औचित्य भी नहीं है।वर्षा के पानी के तेज बहाव के कारण पूरी सड़क जगह-जगह से कट जाती है। पूर्व के वर्षों में एक करोड़ से अधिक की राशि खर्च हो चुकी है।

Related Articles

Back to top button