ब्रेकिंग
मुरैना में 'जहर' पर मेहरबानी: क्या मिलावटखोरों के 'कवच' बन गए हैं अधिकारी गुप्ता? मुरैना पुलिस की 'सेलेक्टिव होली': सच दिखाने वालों से दूरी, वाह-वाही करने वालों पर 'रंग' की बौछार! यूजीसी और आरक्षण को लेकर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की दो दिवसीय राष्ट्रीय बैठक इंदौर में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित मंडला पुलिस की त्वरित कार्रवाई डकैती के पांच आरोपी जबलपुर से गिरफ्तार, रकम एवं उपयोग की गई कार बरामद भिंड के गोहद चौराहा थाना क्षेत्र के बिरखडी गांव के पास तेज़ रफ़्तार ट्रक ने ट्रेक्टर ट्रॉली में मारी... असम में राजधानी एक्सप्रेस से टकराकर 7 हाथियों की मौतः एक घायल; ट्रेन के 5 डिब्बे-इंजन पटरी से उतरे भिंड में रेत माफियाओं पर कार्रवाई के समय रेत माफियाओं ने एसडीएम की गाड़ी को मारी टक्कर बाल-बाल बचे। अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर पोस्ट मेन ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला की समाप्त ग्वालियर पुलिस लाइन के क्वार्टर में प्रधान आरक्षक ने की आत्महत्या, मचा हड़कंप
देश

जेम्स एंड ज्वेलरी पार्क पर छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने हटाई रोक

बिलासपुर। धरसींवा के पूर्व विधायक देवजी भाई पटेल की याचिका पर सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने जेम्स एंड ज्वेलरी पार्क के निर्माण पर लगी रोक को हटा दिया है। याचिका की प्रारंभिक सुनवाई के बाद कोर्ट ने रोक लगा दी थी।

वर्ष 2020 में पूर्व विधायक देवजी भाई पटेल ने छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिकाकर्ता ने छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जेम्स एंड ज्वेलरी पार्क के लिए आवंटित की गई कृषि उपज मंडी की भूमि जो कि पांडातराई रायपुर में स्थित है को चुनौती दी गई थी। याचिका में कहा था कि कृषि उपज मंडी के लिए आरक्षित जमीन को राज्य शासन ने जेम्स एंड ज्वेलरी पार्क के लिए आवंटित कर दिया है। कृषि उपज मंडी ने अपने संसाधनों से उक्त जमीन को खरीदा है।

मामले की पैरवी महाधिवक्ता सतीशचन्द्र वर्मा, अतिरिक्त महाधिवक्ता चन्द्रेश श्रीवास्तव व उप शासकीय अधिवक्ता विक्रम शर्मा ने की। महाधिवक्ता द्वारा यह आधार लिया गया कि शासन द्वारा आवंटित कृषि उपज मंडी की भूमि छत्तीसगढ़ कृषि उपज अधिनियम, 1972 तथा राजस्व पुस्तक परिपत्र के प्रविधानों के तहत की गई है। उनके द्वारा यह भी आधार लिया गया कि शासन द्वारा अपनी याचिका के जवाब में इस बात का स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि पूर्व में भी तत्कालीन भाजपा सरकार के द्वारा मंडी बोर्ड की भूमि को विभिन्न प्रयोजनों के लिए राज्य सरकार द्वारा आवंटित की गई थी, जिसे याचिकाकर्ता द्वारा अपनी याचिका दाखिल करते समय छुपाया गया तथा न्यायालय के समक्ष पुरी जानकारी न देते हुए स्थगन आदेश लिया गया।

वर्तमान की स्थिति में महाधिवक्ता द्वारा यह बताया गया कि कृषि उपज मंडी, पांडातराई को ग्राम तुलसी में स्थानांतरित कर दी गई है, जिससे याचिकाकर्ता की याचिका स्वयमेव ही निरस्त होने योग्य है। मामले की सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने पूर्व में जारी स्थगन आदेश को हटाते हुए याचिका को खारिज कर दिया है। हाई कोर्ट के इस फैसले के बाद शासन की महत्वपूर्ण औद्योगिक नीति जेम्स एंड ज्वेलरी पार्क पांडातराई रायपुर में खोले जाने का रास्ता साफ हो गया है।

Related Articles

Back to top button