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भरत नाट्यम के अर्धनारेश्वर की सुंदर प्रस्तुति से मंत्र मुग्ध हो गए श्रोता

 बिलासपुर। कलाकारों द्वारा भरत नाट्यम के अर्धनारेश्वर की सुंदर प्रस्तुति दी गई। नृत्य को देखकर उपस्थित श्रोता मंत्र मुग्ध हो गए।

कला एवं साहित्य के लिए समर्पित अखिल भारतीय संस्था संस्कार भारती एवं रेलवे महाराष्ट्र मंडल बिलासपुर के संयुक्त तत्वावधान में प्रत्येक माह होने वाले बाल संगीत सभा कि पांचवी कड़ी का आयोजन कीर्ति माधव व्यास जी प्रांतीय संगीत कला प्रमुख के मुख्य आतिथ्य, रिखी सिंह क्षत्रिय प्रांतीय लोककला विद्या प्रमुख कि अध्यक्षता एवं डा. योगेंद्र चौबे प्राध्यापक एवं विभागाध्यक्ष लोककला एवं नाट्य खैरागढ़ संगीत महाविद्यालय, मोहन देवपुजारी अध्यक्ष रेलवे महाराष्ट्र मंडल बिलासपुर, राजेश सोनार अध्यक्ष संस्कार भारती बिलासपुर के विशिष्ट आतिथ्य में रेलवे महाराष्ट्र मंडल बिलासपुर में संपन्न हुआ।

कार्यक्रम की शुरुवात नटराज की प्रतिमा के सम्मुख दीप प्रज्वलन कर किया गया। अतिथियों के स्वागत पश्चात पुष्पराज देवांगन ने भजन से शुरुवात करते हुए शास्त्रीय गायन में राग मारू बिहाग, बंदिश (तीनताल), तराना (एकताल) एवं गजल कि प्रस्तुति दी साथ में तबले पर संगत दे रहे थे कमलेश चंद्राकर, सतीष ढीमर ने बांसुरी वादन की प्रस्तुति दी। जिनका तबले पर संगत दे रहे थे। एन वर्चस, नृत्य में कु. अनन्या श्रीवास ने विष्णु वंदना से अपने कथक नृत्य की शुरुवात करते हुए, चक्रधर तोड़ा, कवित्त के साथ अंत में ठुमरी की प्रस्तुति दी, एन. दिव्यांका द्वारा प्रस्तुत भरत नाट्यम के अर्धनारेश्वर की प्रस्तुति में भगवान शंकर के रौद्र रूप देकर खूब तालियां बटोरी। इस अवसर पर मुख्य अभ्यागत कीर्ति माधव व्यास ने कहा कि संस्कार भारती के मंच पर जिस प्रकार इन बाल कला साधकों ने कला के माध्यम से अपनी परंपरा को सहेजने का कार्य किया है, सराहनीय है। विशिष्ट अभ्यागत डा योगेंद्र चौबे विभागाध्यक्ष लोककला एवं नाट्य खैरागढ़ संगीत महाविद्यालय ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि बच्चे देश का भविष्य होते है, और कला साधना में लीन इस बच्चो को देखकर बेहद प्रशन्नता हो रही है, जो अपनी परंपरा एवं संस्कृति को सहेजने का सफल प्रयास कर रहे है।

मोहन देवपुजारी ने भी सभा को संबोधित करते हुए बाल कला साधकों को शुभकामनाएं दी। कार्यक्रम का सफल संचालन कार्यक्रम संयोजिका डा. विजया राजपुत ने एवं आभार इकाई महामंत्री बालमुकुंद श्रीवास ने किया। कार्यक्रम में अनिल जोशी, हेमंत माहुलीकर, जागेश्वर मानसर, भुवनेश्वर चंद्राकर, विश्वनाथ कश्यप, शिरीष पागे, चंद्रशेखर देवांगन, पूर्णिमा तिवारी, दिनेश पांडेय, हरि सिंह क्षत्रिय, राजेश मौंदेकर, हेमंत सगदेव, वृंदा तांबे, पुरषोत्तम चंद्राकर, खीक राम कश्यप, लखन लाल कश्यप, अरुण दास वैष्णव, शशिकला नायडू, शैलदुलारी सर्वा, सूर्यकांता कश्यप, नीरज जोशी, प्रकाश बावरे, सोनू, रामेश्वर केंवट, एस विश्वनाथ राव, नीलम शर्मा, डा विजया राजपुत, बालमुकुंद श्रीवास एवं पूरे प्रांत के विभिन्न जिलों से आए हुए पदाधिकारी, एवं नगर के कला प्रेमी विशेष रूप से उपस्थित थे

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