ब्रेकिंग
मुरैना में 'जहर' पर मेहरबानी: क्या मिलावटखोरों के 'कवच' बन गए हैं अधिकारी गुप्ता? मुरैना पुलिस की 'सेलेक्टिव होली': सच दिखाने वालों से दूरी, वाह-वाही करने वालों पर 'रंग' की बौछार! यूजीसी और आरक्षण को लेकर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की दो दिवसीय राष्ट्रीय बैठक इंदौर में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित मंडला पुलिस की त्वरित कार्रवाई डकैती के पांच आरोपी जबलपुर से गिरफ्तार, रकम एवं उपयोग की गई कार बरामद भिंड के गोहद चौराहा थाना क्षेत्र के बिरखडी गांव के पास तेज़ रफ़्तार ट्रक ने ट्रेक्टर ट्रॉली में मारी... असम में राजधानी एक्सप्रेस से टकराकर 7 हाथियों की मौतः एक घायल; ट्रेन के 5 डिब्बे-इंजन पटरी से उतरे भिंड में रेत माफियाओं पर कार्रवाई के समय रेत माफियाओं ने एसडीएम की गाड़ी को मारी टक्कर बाल-बाल बचे। अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर पोस्ट मेन ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला की समाप्त ग्वालियर पुलिस लाइन के क्वार्टर में प्रधान आरक्षक ने की आत्महत्या, मचा हड़कंप
देश

सरकारी विभागों में जनसुनवाई को लेकर सुस्ती जहां चल रही वहां भी असर नहीं दिख रहा

इंदौर। सरकारी विभागों के दफ्तरों में जोरशोर से शुरू की गई जनसुनवाई को लेकर एक बार फिर लापरवाही नजर आने लगी है। ज्यादातर सरकारी विभागों में या तो जनसुनवाई बंद कर दी गई है या जहां हो रही है वहां भी सिर्फ औपचारिकता निभाई जा रही है। यही वजह है कि जनसुनवाई को लेकर आमजन भी उदासीन हो गए हैं। है। वे समझ गए हैं कि जनसुनवाई में समस्या का त्वरीत समाधान सिर्फ एक नारा है ऐसा होता नहीं है।

एमजीएम मेडिकल कालेज, एमवाय अस्पताल, नगर निगम ये उन सरकारी जगहों के नाम हैं, जहां किसी समय जनसुनवाई में अच्छी खासी भीड़ होती थी। प्रत्येक मंगलवार इन जगहों पर लोगों का हुजूम उमड़ता था ताकि वे अपनी शिकायतें, दिक्कतें अधिकारियों को बता सकें और समाधान पा सकें, लेकिन इन दिनों इन सभी जगहों पर मंगलवार को सन्नाटा पसरा रहता है।

वजह है कि जनसुनवाई बंद कर दी गई। नियम बनाया गया था कि जनसुनवाई में संबंधित यूनिटों के प्रमुख भी मौजूद रहेंगे ताकि मौके पर ही समस्या का समाधान किया जा सके। कुछ दिन ऐसा हुआ भी, लोगों को राहत मिलने भी लगी थी।

निगमायुक्त ने शुरू कराई जनसुनवाई, लेकिन लोग ही नहीं आए

नगर निगम में भी कई महीनों से जनसुनवाई बंद थी। कुछ दिन पहले ही निगमायुक्त हर्षिकासिंह ने इसे दोबारा शुरू करवाया। पहली जनसुनवाई में आई ज्यादातर शिकायतें जल वितरण को लेकर थीं। इसके बाद अगली जनसुनवाई से लोगों की भीड़ ही कम हो गई। फिलहाल स्थिति यह है कि इक्का-दुक्का शिकायतें ही जनसुनवाई में पहुंच रही हैं। यही वजह है कि अधिकारियों की रूचि भी जनसुनवाई को लेकर कम हो गई है।

मेडिकल कालेज और एमवायएच में भी लगभग यही स्थिति है। दोनों ही जगह सभागृह में जनसुनवाई होती थी लेकिन फिलहाल इन दोनों ही जनसुनवाई पूरी तरह से बंद है। अगर कोई शिकायत लेकर पहुंचता भी है तो उसे संबंधित के दफ्तर भेज दिया जाता है।

Related Articles

Back to top button