ब्रेकिंग
मुरैना में 'जहर' पर मेहरबानी: क्या मिलावटखोरों के 'कवच' बन गए हैं अधिकारी गुप्ता? मुरैना पुलिस की 'सेलेक्टिव होली': सच दिखाने वालों से दूरी, वाह-वाही करने वालों पर 'रंग' की बौछार! यूजीसी और आरक्षण को लेकर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की दो दिवसीय राष्ट्रीय बैठक इंदौर में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित मंडला पुलिस की त्वरित कार्रवाई डकैती के पांच आरोपी जबलपुर से गिरफ्तार, रकम एवं उपयोग की गई कार बरामद भिंड के गोहद चौराहा थाना क्षेत्र के बिरखडी गांव के पास तेज़ रफ़्तार ट्रक ने ट्रेक्टर ट्रॉली में मारी... असम में राजधानी एक्सप्रेस से टकराकर 7 हाथियों की मौतः एक घायल; ट्रेन के 5 डिब्बे-इंजन पटरी से उतरे भिंड में रेत माफियाओं पर कार्रवाई के समय रेत माफियाओं ने एसडीएम की गाड़ी को मारी टक्कर बाल-बाल बचे। अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर पोस्ट मेन ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला की समाप्त ग्वालियर पुलिस लाइन के क्वार्टर में प्रधान आरक्षक ने की आत्महत्या, मचा हड़कंप
मुख्य समाचार

भोपाल: आंगनबाड़ी कार्यकर्ता का 3 हज़ार व सहायिका का 1500 रू वेतन बढ़ा लाडली बहना योजना का भी लाभ मिलेगा।

भोपाल. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका के हित में बड़ी घोषणा की है. कार्यकर्ताओं का मानदेय प्रतिमाह 10 हजार से बढ़ाकर 13 हजार कर दिया है. इसी तरह सहायिका का मानदेय पांच हजार से बढ़ाकर साढ़े छह हजार कर दिया गया है. दोनों के मासिक मानदेय में प्रतिवर्ष एक हजार रुपए की बढ़ोतरी की जाएगी. साथ ही उन्हें लाडली बहना योजना का लाभ भी मिलेगा. सेवानिवृत्त होने पर कार्यकर्ता को सवा लाख और सहायिका को एक लाख रुपए मिलेंगे. सहायिका से कार्यकर्ता के पद पर पदोन्नति 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत पदों पर कर दी गई है. दोनों को सरकारी कर्मचारियों की तरह छुट्टी एवं अन्य सुविधाएं मिलेंगी. साथ ही उनका पांच लाख रुपए का स्वास्थ्य एवं दुर्घटना बीमा कराया जाएगा. मुख्यमंत्री ने यह घोषणा भारतीय मजदूर संघ से जुड़े मप्र आंगनबाड़ी कार्यकर्ता - सहायिका संघ के सम्मेलन में की. सम्मेलन में प्रदेश भर की लगभग 10 हजार कार्यकर्ता और सहायिका मौजूद थीं. कार्यक्रम के दौरान सीएम शिवराज ने अपने संबोधन में कहा कि आप सब आंगनबाड़ी कार्यकर्ता नहीं, बल्कि मेरी बहनें हैं. मेरी सभी लाड़ली बहनों को मेरा प्रणाम. लाड़ली बहना सिर्फ एक योजना नहीं, बल्कि अंतर्मन का भाव है. दिल का भाव है, आत्मा का भाव है. मैंने देखा है कि एक जमाना था जब देश में नारी की बड़ी प्रतिष्ठा थी. यत्र नार्यस्तु पूज्यंते, रमंते तत्र देवता का युग हमने देखा है. लेकिन बीच में एक काल आया, जब हम गुलाम हो गए.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button