ब्रेकिंग
मुरैना में 'जहर' पर मेहरबानी: क्या मिलावटखोरों के 'कवच' बन गए हैं अधिकारी गुप्ता? मुरैना पुलिस की 'सेलेक्टिव होली': सच दिखाने वालों से दूरी, वाह-वाही करने वालों पर 'रंग' की बौछार! यूजीसी और आरक्षण को लेकर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की दो दिवसीय राष्ट्रीय बैठक इंदौर में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित मंडला पुलिस की त्वरित कार्रवाई डकैती के पांच आरोपी जबलपुर से गिरफ्तार, रकम एवं उपयोग की गई कार बरामद भिंड के गोहद चौराहा थाना क्षेत्र के बिरखडी गांव के पास तेज़ रफ़्तार ट्रक ने ट्रेक्टर ट्रॉली में मारी... असम में राजधानी एक्सप्रेस से टकराकर 7 हाथियों की मौतः एक घायल; ट्रेन के 5 डिब्बे-इंजन पटरी से उतरे भिंड में रेत माफियाओं पर कार्रवाई के समय रेत माफियाओं ने एसडीएम की गाड़ी को मारी टक्कर बाल-बाल बचे। अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर पोस्ट मेन ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला की समाप्त ग्वालियर पुलिस लाइन के क्वार्टर में प्रधान आरक्षक ने की आत्महत्या, मचा हड़कंप
देश

एनआइआरएफ रैंकिंग ने खोली छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षण संस्थानों की पोल टाप-150 में नहीं मिली किसी कालेज को जगह

रायपुर। देशभर के शिक्षण संस्थानों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी एनआइआरएफ (नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क) की रैंकिंग ने छत्‍तीसगढ़ में शिक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। प्रदेश के एक भी कालेज व विश्वविद्यालय को टाप-100 की सूची तो दूर 150 तक की सूची में जगह न मिलना दुर्भाग्यजनक माना जा रहा है।

पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर को रैंक बैंड में 151 से 200 की कैटेगरी में शामिल किया गया है। राज्य के इंजीनियरिंग कालेजों का प्रदर्शन भी बेहतर न हीं है।

बता दें कि देश में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को मापने के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की एनआइआरएफ में संस्थानों में शिक्षा, शोध, फंडिंग व उसके उपयोग, मानव संसाधन व उपयोगिता, संस्थान के बारे में समाज की धारणा समेत अन्य बिंदुओं के आधार पर रैंक जारी करता है।

देश में सर्वश्रेष्ठ स्थान हासिल करना यहां की शिक्षा गुणवत्ता को दर्शााता है, जिससे केंद्रीय स्तर पर संस्थान को योजनाओं के तहत फंड मुहैया कराने समेत कई तरह की सुविधाएं भी मिलती हैं।

लगातार गिर रही एनआइटी की रैंक

इधर, एनआइटी (राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान) रायपुर की रैंक लगातार गिर रही है। यह वर्ष-2022 में 65वें रैंक की तुलना में पांच अंक पिछड़ते हुए 70वें रैंक पर पहुंच चुका है। फार्मेसी संस्थानों की कैटेगरी में गुरुघासीदास विश्वविद्यालय बिलासपुर ने देशभर में 43वां रैंक प्राप्त किया है। डेंटल, विधि व कालेज की कैटेगरी में प्रदेश के एक भी संस्थान 100 में भी जगह नहीं बना पाए।

नैक ग्रेडिंग की तैयारी में विश्वविद्यालय

बता दें नैक ग्रेडिंग के तहत पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के पास वर्तमान में कोई ग्रेड नहीं है। अच्छी ग्रेडिंग के लिए नैक टीम आने से पहले विश्वविद्यालय ने अपनी तैयारियों की समीक्षा करानी शुरू कर दी है। लखनऊ विश्वविद्यालय को नैक की तरफ ए प्लस-प्लस ग्रेडिंग मिली है। इन्हें अच्छी ग्रेडिंग किन उपलब्धियों और कामों के कारण मिली है, इस पर जानकारी जुटाई जा रही है।

शासकीय इंजीनियरिंग कालेज रायपुर के प्राचार्य प्रो. एमआर खान ने कहा, शिक्षण संस्थानों के कई बिंदुओं पर एनआइआरएफ रैंकिंग की जाती है। इसमें मानव संसाधन, शोध, इंफ्रास्ट्रक्चर, उपलब्धि आदि शामिल हैं। प्रदेश के संस्थानों को बिंदुवार खामियों को दुरुस्त करने की दिशा में कार्य करना होगा ताकि आने वाले समय में बेहतर रैंक हासिल हो सके।

Related Articles

Back to top button