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भीमसेनी एकादशी पर प्याऊ खोलें शर्बत बांटें मां लक्ष्मी होंगी प्रसन्न

बिलासपुर। भीमसेनी एकादशी जिसे निर्जला एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। 31 मई को इसे मनाया जाएगा। सनातन धर्म में इस दिन व्रत करने और दान पुण्य का विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस दिन प्याऊ खोलने और शर्बद बांटने पर मां लक्ष्मी प्रसन्न होती है। जलदान महादान माना गया है।

राधाकृष्ण मंदिर के पुजारी पंडित रमेश तिवारी का कहना है कि इस दिन व्रत करने और दान पुण्य करने पर मां लक्ष्मी प्रसन्न होती है और भक्तों पर विशेष कृपा बरसाती है। निर्जला एकादशी पर जल का दान करना महादान के समान माना गया है। इस अवसर पर कुछ लोग प्याऊ लगवाकर जनसेवा करते हैं। इसके साथ ही मंदिर में शर्बत का वितरण करवा सकते हैं। इस उपाय से जहां मां लक्ष्मी और विष्णुजी प्रसन्न होते हैं वहीं कुंडली में चंद्रदोष दूर होता है। इन उपायों को करने से मां लक्ष्मी की कृपा आप पर बरसती है।

पीपल के पेड़ में चढ़ाएं जल

निर्जला एकादशी पर पीपल के पेड़ की पूजा का विशेष महत्व है। ऐसा करने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं। इस दिन पीपल के पेड़ की जड़ में इस दिन दूध मिश्रित जल चढ़ाएं और धूप दीप जलाकर विधिवत पीपल के पेड़ की पूजा करनी चाहिए। ऐसा करने से आपके धन-धान्य में वृद्धि होती है और मां लक्ष्मी भी आपके घर में वास करती हैं।

सूर्योदय के साथ करें मंत्र जाप

एकादशी के दिन सुबह सबसे पहले उठकर अपने दोनों हाथों को जोड़कर हथेलियों की तरफ देखकर इस मंत्र का पांच बार जप करें। कराग्रे वसते लक्ष्मी, करमध्ये सरस्वती. करमूले तू गोविंद, प्रभातेकरदर्शनम ऐसा करने से तनावमुक्त होंगे और आपके घर में सुख शांति और समृद्धि स्थापित होगी।

प्रसन्न करने यह चढ़ाएं

  • पूजा में कौड़ियों का प्रयोग करना सबसे शुभ माना जाता है।
  • सात कौड़ियों को हल्दी की सात गांठों के साथ पीले कपड़े में बांधे।
  • इसे लपेटकर मां लक्ष्मी की पूजा करें फिर आलमारी में रख दें।
  • तुलसी की पूजा करें जल चढ़ाएं। भगवान विष्णु-मां लक्ष्मी प्रसन्न होंगी।

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