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सरसैनी सती मैया मंदिर व पुरातन किला स्थल पर मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम और वीर शिरोमणि दलखू बाबा की प्रतिमा के अनावरण स्थल पहुंचने पर किया गया भव्य स्वागत।
(एडवोकेट दिनेश सिकरवार) सरसैनी सती मैया मंदिर, मुरेना। विगत दिवस सोमवार को अखिल माहेश्वरी अध्यक्ष नगर परिषद जौरा एवं पूर्व विधायक दादा गजराज सिंह सिकरवार जौरा के विधायक सूबेदार सिंह रजौधा तथा पूर्व विधायक सत्यपाल सिंह सिकरवार ने अपने समर्थकों सहित सरसैनी सती मैया के मंदिर पर पहुंच कर सती मैया व वीर शिरोमणि दलखू बाबा तथा मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम जी की प्रतिमा पर माल्यापर्ण कर नमन करते हुए स्वागत वंदन अभिनंदन किया। वीर शिरोमणि दलखू बाबा व भगवान श्री राम जी की प्रतिमा रैली के रूप में एक भव्य काफिले के साथ ग्वालियर से सती मैया के मंदिर एवं प्रतिमा स्थल पर पहुँची । रास्ते भर लोगों ने पुष्प वर्षा की इस काफिले को पुलिस प्रशासन संपूर्ण सुरक्षा प्रबंध प्रदान किए पुलिस अधिकारियों ने पूरी सतर्कतापूर्वक बेहतरीन व्यवस्था प्रदान की गई। प्रशासन की व्यवस्थाएं प्रशंसनीय रहीं। वीर शिरोमणि दलखू बाबा व मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम जी की प्रतिमाओं के अनावरण स्थल पहुंचने पर वहाँ भारी संख्या में मौजूद लोगों ने स्वागत वंदन अभिनंदन किया। सती मैया व दलखू बाबा समिति आयोजकों ने जानकारी देते हुए बताया कि इन भव्य प्रतिमाओं का अनावरण एक विशाल आयोजन कर पूर्ण विधि विधान मंत्रोच्चारणों के साथ अनावरण किया जाएगा। बुजुर्ग जनों ने एक ऐतिहासिक जानकारी देते हुए बताया कि इस प्रतिमा स्थल क्षेत्र में पूर्व में महाराजा दलखू बाबा का ऐतिहासिक किला था जिसके पुरातन काल के पौराणिक अवशेष आज भी प्रमाणिक तौर पर यहाँ मौजूद मिलते हैं यही नहीं जीर्ण शीर्ण अवस्था में कुछ पूज्यनीय स्थल भी जीवंत रूप में देखे जा सकते हैं। इन ऐतिहासिक व पौराणिक स्थलों के विकिसित किए जाने की महती आवश्यकता है। यह चम्बल नदी मैया किनारे का क्षेत्र बहुत ही पवित्र दुर्लभ आकर्षक विशुद्ध हिमालयीन अनुभूति और भक्ति भाव से ओतप्रोत करने वाला विशुद्ध पर्यावरणीय क्षेत्र है। सरकारों के द्वारा इसे पुरातत्व ऐतिहासिक पौराणिक क्षेत्र घोषित कर पर्यटन के हिसाब भी से विकसित करने की ज़रुरतें हैं। इस क्षेत्र के विकिसित किए जाने से इस अंचल के लाखों नौजवानों के लिए स्वरोजगार के रास्ते भी खुलेंगे देखना यह है। कि इस दिशा में राजनेताओं व्यूरोक्रेट्स व समाजसेवी संगठनो का क्या दृष्टिकोण या नजरिया होगा ?



