ब्रेकिंग
मुरैना में 'जहर' पर मेहरबानी: क्या मिलावटखोरों के 'कवच' बन गए हैं अधिकारी गुप्ता? मुरैना पुलिस की 'सेलेक्टिव होली': सच दिखाने वालों से दूरी, वाह-वाही करने वालों पर 'रंग' की बौछार! यूजीसी और आरक्षण को लेकर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की दो दिवसीय राष्ट्रीय बैठक इंदौर में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित मंडला पुलिस की त्वरित कार्रवाई डकैती के पांच आरोपी जबलपुर से गिरफ्तार, रकम एवं उपयोग की गई कार बरामद भिंड के गोहद चौराहा थाना क्षेत्र के बिरखडी गांव के पास तेज़ रफ़्तार ट्रक ने ट्रेक्टर ट्रॉली में मारी... असम में राजधानी एक्सप्रेस से टकराकर 7 हाथियों की मौतः एक घायल; ट्रेन के 5 डिब्बे-इंजन पटरी से उतरे भिंड में रेत माफियाओं पर कार्रवाई के समय रेत माफियाओं ने एसडीएम की गाड़ी को मारी टक्कर बाल-बाल बचे। अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर पोस्ट मेन ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला की समाप्त ग्वालियर पुलिस लाइन के क्वार्टर में प्रधान आरक्षक ने की आत्महत्या, मचा हड़कंप
मुख्य समाचार

मध्यप्रदेश हाई कोर्ट ने पुलिस को लगाई फटकार ड्रग को जब्त किया वो निकला यूरिया, 10 लाख रुपये का मुआवजा देने के निर्देश।

ग्वालियर. मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में मध्य प्रदेश पुलिस की एक जमानत याचिका की सुनवाई के दौरान बड़ी किरकिरी हुई है, ड्रग जब्ती से जुड़े एक मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट के सामने जब एफएसएल रिपोर्ट आई तो जो एमडीएमए ड्रग पुलिस ने पकडऩा दिखाया था वो यूरिया निकला. रिपोर्ट सामने आने के बाद हाई कोर्ट ने ग्वालियर पुलिस को कड़ी फटकार लगाई, साथ ही मप्र के डीजीपी को आरोपी को 10 लाख रुपये बतौर जुर्माना देने के निर्देश दिए और इस मामले में शामिल पुलिस अधिकारियों कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए है. जेल में बंद आरोपी ने हाईकोर्ट में लगाई जमानत याचिका आपको बता दें कि 6 सितंबर 2022 को ग्वालियर की क्राइम ब्रांच और थाना मुरार पुलिस ने 760 ग्राम ड्रग्स के साथ 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया था इसमें आरोपी बनाये गए मोहित तिवारी भी अन्य आरोपियों के साथ तब से ग्वालियर की सेंट्रल जेल में बंद है, आरोपी मोहित तिवारी ने हाई कोर्ट की ग्वालियर बेंच में जमानत याचिका पेश की. फोरेंसिक रिपोर्ट में एमडीएमए ड्रग निकला यूरिया याचिकाकर्ता मोहित तिवारी के वकील सुनील गोस्वामी ने बताया कोर्ट ने आरोपी की जमानत याचिका की सुनवाई करते हुए सबसे पहले पुलिस द्वारा जब्त किये गए एमडीएमए ड्रग की फोरेंसिक रिपोर्ट तलब की. जब रिपोर्ट हाई कोर्ट के सामने आई तो कोर्ट आश्चर्य में पड़ गया क्योंकि जिस ड्रग को पुलिस ने जब्त कर एमडीएमए बताया था वो रिपोर्ट में यूरिया निकला. डीजीपी को 10 लाख का मुआवजा देने के निर्देश एफएसएल रिपोर्ट सामने आने के बाद हाई कोर्ट ने ग्वालियर पुलिस को जमकर फटकार लगाई और ड्रग रखने के आरोप में गिरफ्तार किये गए आरोपी आवेदक मोहित तिवारी की जमानत स्वीकार करते हुए प्रदेश के डीजीपी को उसे 10 लाख का मुआवजा देने का आदेश दिया, हाईकोर्ट ने आदेश दिया कि जिन पुलिस अधिकारियों कर्मचारियों ने यह कार्रवाई की थी उन पर एक्शन लेकर उनकी जांच कर् 2 महीने में कम्लाइन्स रिपोर्ट हाईकोर्ट में पेश करें. यह है पूरा मामला गौरतलब है कि 6 सितंबर 2022 को ग्वालियर की मुरार थाना पुलिस और क्राइम ब्रांच थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने एक कार्यवाही करते हुए एमडीएमए ड्रग की बड़ी खेप पकड़ी थी. पुलिस ने ड्रग की खेप महाराष्ट्र और गोवा के सीमावर्ती इलाके से झांसी के एक बिचौलिए द्वारा लाना बताया था. साथ ही इसे सप्लाई करने वाले में दतिया के 5 तस्करों की अहम भूमिका बताई थी. पुलिस द्वारा पकड़े गए 7 आरोपियों में एक महिला भी शामिल थी. इनके पास से 760 ग्राम एमडीएमए ड्रग्स सहित दो देशी तमंचे और सात जिंदा कारतूस बरामद किए गए थे. पुलिस ने जो कहानी बताई थी उसके मुताबिक पकड़े गए आरोपी ड्रग को अमूमन युवाओं की पार्टी में सप्लाई करते थे, जिसे कॉलेज के लड़के लड़कियां बड़ी संख्या में कंज्यूम करते हैं.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button