ब्रेकिंग
मुरैना में 'जहर' पर मेहरबानी: क्या मिलावटखोरों के 'कवच' बन गए हैं अधिकारी गुप्ता? मुरैना पुलिस की 'सेलेक्टिव होली': सच दिखाने वालों से दूरी, वाह-वाही करने वालों पर 'रंग' की बौछार! यूजीसी और आरक्षण को लेकर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की दो दिवसीय राष्ट्रीय बैठक इंदौर में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित मंडला पुलिस की त्वरित कार्रवाई डकैती के पांच आरोपी जबलपुर से गिरफ्तार, रकम एवं उपयोग की गई कार बरामद भिंड के गोहद चौराहा थाना क्षेत्र के बिरखडी गांव के पास तेज़ रफ़्तार ट्रक ने ट्रेक्टर ट्रॉली में मारी... असम में राजधानी एक्सप्रेस से टकराकर 7 हाथियों की मौतः एक घायल; ट्रेन के 5 डिब्बे-इंजन पटरी से उतरे भिंड में रेत माफियाओं पर कार्रवाई के समय रेत माफियाओं ने एसडीएम की गाड़ी को मारी टक्कर बाल-बाल बचे। अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर पोस्ट मेन ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला की समाप्त ग्वालियर पुलिस लाइन के क्वार्टर में प्रधान आरक्षक ने की आत्महत्या, मचा हड़कंप
विदेश

फ्रांस में जारी हैं आगजनी और विद्रोह, मैक्रों गाना गाते दिख रहे 

पेरिस । फ्रांस इन दिनों इतिहास के विद्रोह की सबसे बड़ी आग में धधक रहा है। सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के बाद यह विद्रोह और धधक उठा है। फ्रांस में पिछले 3 महीने से पेंशन बिल के खिलाफ जनता का जबरदस्त प्रदर्शन हो रहा है। पेंशन सुधार के विरोध में पेरिस की सड़कों पर भीषण आगजनी और विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहा है। लेकिन फ्रांस में इन तमाम बिगड़ते हालातों के बीच राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों गाने गाते हुए दिखाई दिए हैं। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आते ही लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है और राष्ट्रपति मैक्रों को सोशल मीडिया पर खूब ट्रोल भी किया जा रहा है।

दरअसल मैक्रों टेलीविजन संबोधन के बाद सड़क पर एक पारंपरिक गीत गाते नजर आए। उन्होंने अपने अलोकप्रिय पेंशन सुधारों पर तनाव को शांत करने की मांग की थी। शुरुआत में लोगों को यकीन नहीं हुआ और लगा कि वीडियो को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से बनाया गया है। लेकिन बाद में मैक्रों के करीबी लोगों ने कहा कि ये असली है।
बता दें कि फ्रांस में पेंशन बिल को सुप्रीम कोर्ट से मंजूरी मिल गई है और इसके बाद फ्रांस के 200 शहरों में एक साथ प्रदर्शन हुए हैं। इसके बाद सवाल उठने लगे हैं कि मैक्रों का यह फैसला उनके राजनीतिक कैरियर के लिए एक बुरा सपना साबित होगा या फिर फ्रांस में हालात सामान्य हो जाएंगे। फ्रांस 3 महीने से जल रहा है। कोर्ट के फैसले के बाद पेरिस समेत 200 शहरों में हिंसा बढ़ गई।

Related Articles

Back to top button