ब्रेकिंग
मुरैना में 'जहर' पर मेहरबानी: क्या मिलावटखोरों के 'कवच' बन गए हैं अधिकारी गुप्ता? मुरैना पुलिस की 'सेलेक्टिव होली': सच दिखाने वालों से दूरी, वाह-वाही करने वालों पर 'रंग' की बौछार! यूजीसी और आरक्षण को लेकर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की दो दिवसीय राष्ट्रीय बैठक इंदौर में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित मंडला पुलिस की त्वरित कार्रवाई डकैती के पांच आरोपी जबलपुर से गिरफ्तार, रकम एवं उपयोग की गई कार बरामद भिंड के गोहद चौराहा थाना क्षेत्र के बिरखडी गांव के पास तेज़ रफ़्तार ट्रक ने ट्रेक्टर ट्रॉली में मारी... असम में राजधानी एक्सप्रेस से टकराकर 7 हाथियों की मौतः एक घायल; ट्रेन के 5 डिब्बे-इंजन पटरी से उतरे भिंड में रेत माफियाओं पर कार्रवाई के समय रेत माफियाओं ने एसडीएम की गाड़ी को मारी टक्कर बाल-बाल बचे। अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर पोस्ट मेन ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला की समाप्त ग्वालियर पुलिस लाइन के क्वार्टर में प्रधान आरक्षक ने की आत्महत्या, मचा हड़कंप
मुख्य समाचार

शरद पवार को झटका, एनसीपी का राष्ट्रीय दर्जा छिना, अब क्षेत्रीय पार्टी कहलाएगी एनसीपी 

मुंबई। केंद्रीय चुनाव आयोग ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) का राष्ट्रीय दर्जा रद्द करने का फैसला किया है। इसकी घोषणा चुनाव आयोग ने सोमवार  शाम को की। अब एनसीपी क्षेत्रीय पार्टियों के तौर पर जानी जाएंगी। शरद पवार के लिए यह बड़ा झटका माना जा रहा है कि चुनाव आयोग ने पार्टी का राष्ट्रीय दर्जा हटा दिया है. केंद्रीय चुनाव आयोग ने एनसीपी से उसका राष्ट्रीय दल का दर्जा छीन लिया है. केंद्रीय चुनाव आयोग ने 2014 और 2019 के बाद लगातार दो लोकसभा चुनावों के बाद 21 में से 12 राज्यों की विधानसभाओं में एनसीपी के प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए यह फैसला किया है। एनसीपी, तृणमूल कांग्रेस के साथ-साथ सीपीआई ने भी राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा खो दिया। दरअसल चार राज्यों के चुनावों में कम से कम छह प्रतिशत वोट या लोकसभा चुनावों में तीन या अधिक राज्यों में कम से कम दो प्रतिशत वोट मिलने पर राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा दिया जाता है। राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा मिलने के बाद पूरे देश में एक ही चुनाव चिन्ह दिया जाता है। इसके अलावा पार्टी कार्यालय को नई दिल्ली में जगह मिलती है। चुनावों को दूरदर्शन या अन्य सार्वजनिक चैनलों पर प्रसारण के लिए समय मिलता है। राष्ट्रीय दल का दर्जा खोने के बाद संबंधित दल इन सबके लिए अयोग्य हो जाते हैं। पार्टी का राष्ट्रीय दर्जा प्राप्त करते समय लोकसभा 2019 के नियमों को ध्यान में रखा गया है। उसके बाद जिन राज्यों में चुनाव हुए हैं। वहां के आंकड़ों को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है।

Related Articles

Back to top button