ब्रेकिंग
मुरैना में 'जहर' पर मेहरबानी: क्या मिलावटखोरों के 'कवच' बन गए हैं अधिकारी गुप्ता? मुरैना पुलिस की 'सेलेक्टिव होली': सच दिखाने वालों से दूरी, वाह-वाही करने वालों पर 'रंग' की बौछार! यूजीसी और आरक्षण को लेकर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की दो दिवसीय राष्ट्रीय बैठक इंदौर में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित मंडला पुलिस की त्वरित कार्रवाई डकैती के पांच आरोपी जबलपुर से गिरफ्तार, रकम एवं उपयोग की गई कार बरामद भिंड के गोहद चौराहा थाना क्षेत्र के बिरखडी गांव के पास तेज़ रफ़्तार ट्रक ने ट्रेक्टर ट्रॉली में मारी... असम में राजधानी एक्सप्रेस से टकराकर 7 हाथियों की मौतः एक घायल; ट्रेन के 5 डिब्बे-इंजन पटरी से उतरे भिंड में रेत माफियाओं पर कार्रवाई के समय रेत माफियाओं ने एसडीएम की गाड़ी को मारी टक्कर बाल-बाल बचे। अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर पोस्ट मेन ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला की समाप्त ग्वालियर पुलिस लाइन के क्वार्टर में प्रधान आरक्षक ने की आत्महत्या, मचा हड़कंप
विदेश

यूक्रेन में हथियारों व गोला-बारूद की भारी कमी, रूस भी मुश्किल में

कीव । रूस और यूक्रेन के बीच एक साल से युद्ध जारी है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस समय यूक्रेन हथियारों और गोला-बारूद की भारी कमी से जूझ रहा है। ऐसे में उसने हमले कम कर दिए हैं। यूक्रेन की 59वीं मोटराइज्ड ब्रिगेड जहां पहले एक दिन में 20 से 30 शेल दागती थी, वहीं अब एक-दो या फिर बिना दागे ही काम चलाया जा रहा है।
वहीं यूक्रेन के सैन्य अधिकारियों के अनुसार एक दिन में 7 हजार 700 शेल दागे जाते हैं, यानी हर 6 सेकेंड में एक फायर होता है। रूस की बात करें तो वह भी अपने हथियारों को सुरक्षित रखना चाहता है और गोला-बारूद का कम इस्तेमाल कर रहा है। इसके बावजूद वह यूक्रेन से तीन गुना ज्यादा फायरिंग करता है। यूक्रेन का कहना है कि हथियारों की कमी की वजह से युद्ध क्षेत्र में आगे बढ़ना मुश्किल हो रहा है।
यूरोपीय यूनियन ने कहा था कि अगले साल तक यूक्रेन को 10 लाख आर्टिलरी शेल दी जाएंगी। नाटो ने कहा था कि यूक्रेन की मदद करने के लिए बड़ी मात्रा में गोला-बारूद देना आसान काम नहीं है। यूके के सैन्य सूत्रों का कहना है कि यूक्रेन को बाखमुत के जिस रास्ते से हथियारों की सप्लाई मिलती थी, वहां रूस ने कब्जा कर रखा है और इससे सप्लाई बाधित हो गई है। यूक्रेन की सेना ने भी कहा था कि शहर पर उनकी पकड़ तो बनी हुई है, लेकिन चुनौतियां बढ़ गई हैं।
उल्लेखनीय है कि यूक्रेन अकसर पश्चिमी देशों से हथियार मांगता रहता है। अमेरिका जैसे देश उसे एडवांस हथियार दे भी रहे हैं। वहीं रिपोर्ट ये भी थी कि यूक्रेन ने म्यूजियम में रखे अपने हथियारों को भी युद्ध में उतार दिया था। यूक्रेन की सेना ने सोवियत समय की 240 मिमी मोर्टार गन को भी युद्ध में उतार दिया। इसके अलावा भी पुरानी तकनीक से बने हथियारों का इस्तेमाल किया।

Related Articles

Back to top button