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उत्तरप्रदेश

महाराष्ट्र की पूरी सरकार हुई राम के आगे नतमस्तक

अयोध्या । महाराष्ट्र राज्य की पूरी सरकार ने अपने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उप मुख्यमंत्री देवेन्द्र फणनवीस के साथ मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के चरणों में रविवार को नतमस्तक हुई। विशुद्ध रुप से धार्मिक यात्रा पर आये मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने राजनीतिक व्यंग्यबाण चलाने से भी गुरेज नहीं किया। मुख्यमंत्री शिंदे ने बिना किसी पार्टी और नेता का नाम लिए तंज कसते हुए कहा कि राम ने पिता को वचन देकर 14 साल का वनवास निभाया। पर कुछ लोगों ने सत्ता की लालच में पिता के वचन का ध्यान नहीं रखा। बाला साहब ने जिन्हें भगाया था, कुछ लोग ने बाद में उन्हीं के साथ मिलकर सरकार बना ली। माना जा रहा है कि उनका इशारा उद्धव ठाकरे की ओर था।
पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री शिंदे ने महाराष्ट्र की पिछली सरकार पर निशाना साधते हुए पूछा कि पालघर में जब संत की हत्या हुई और नेवी के अधिकारी की पिटाई हुई तो वहां पर किसकी सरकार थी। कई लोग हम पर आरोप लगाते हैं। 2019 में लोगों के दिमाग में जो बात थी, लोगों की अपेक्षा थी कि महाराष्ट्र में शिवसेना-भाजपा की सरकार बने। लेकिन स्वार्थ और कुर्सी की लालच में यहां गलत कदम उठाया गया। हमने उसे 8-9 महीने पहले सुधार दिया। लोगों की अपेक्षा के अनुसार हमने सरकार बनाई। उन्होंने कहा कि उत्तर भारतीय और महाराष्ट्र के लोग अलग नहीं है। महाराष्ट्र भवन के लिए योगी आदित्यनाथ से विनती की है। वह हिन्दू हृदय सम्राट बाला साहेब के नाम पर होगा। उन्होंने कहा कि राम मंदिर हमारी आस्था, श्रद्धा और अस्मिता से जुड़ी है। अयोध्या हमारे लिए आत्मीयता का विषय है। आज का दिन मेरे लिए सौभाग्य का विषय है। हमारी यात्रा पूरी तरह धर्मिक है। कई लोगों को इससे एलर्जी और दर्द भी हुआ। हिंदुत्व एक जीवन प्रणाली है। हमारा धर्म किसी का अनादर करने वाला नहीं है। 2024 में एक बार फिर से शिवसेना जीत का परचम लहराएगी। उन्होंने कहा कि रैली में आज केसरिया, राममय माहौल था। 500 साल का संघर्ष और बाला साहेब का सपना था कि राम मंदिर बन जाए। हमने मंदिर निर्माण का काम देखा। अब छत बनने जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी की अगुवाई में यह काम हो रहा है। मुख्यमंत्री शिंदे ने कहा कि राम मंदिर के गर्भगृह में एक कम्पन ऊर्जा महसूस किया। इस यात्रा में अलग खुशी रही। बाला साहेब ने कहा था कि गर्व से कहो हिंदू हैं। 2019 में जो लोगों की मंशा थी कि बीजेपी-शिवसेना की सरकार बने। हमने सुधार कर ऐसी सरकार बनाई। बीजेपी और शिवसेना की विचारधारा एक है, जिसको लेकर यह यात्रा की है। उन्होंने कहा कि यूपी में गुंडागर्दी खत्म हुई है। कानून व्यवस्था बेहतर हुई है। सड़कें पहले से चौड़ी हुई हैं। इससे पूर्व राम कथा पार्क से शिंदे और डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने रोड शो निकाला। दोनों सीधे श्रीराम जन्मभूमि पहुंचे। वहां रामलला के दर्शन किए। उनकी आरती उतारी। सभी का रामनाम और मंदिर का मॉडल देकर रामलला के मुख्य अर्चक सत्येंद्रदास और ट्रस्ट के सदस्यों ने स्वागत किया। मंदिर के दरवाजों के लिए सागौन की लकड़ी सौंपी।

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