ब्रेकिंग
मुरैना में 'जहर' पर मेहरबानी: क्या मिलावटखोरों के 'कवच' बन गए हैं अधिकारी गुप्ता? मुरैना पुलिस की 'सेलेक्टिव होली': सच दिखाने वालों से दूरी, वाह-वाही करने वालों पर 'रंग' की बौछार! यूजीसी और आरक्षण को लेकर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की दो दिवसीय राष्ट्रीय बैठक इंदौर में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित मंडला पुलिस की त्वरित कार्रवाई डकैती के पांच आरोपी जबलपुर से गिरफ्तार, रकम एवं उपयोग की गई कार बरामद भिंड के गोहद चौराहा थाना क्षेत्र के बिरखडी गांव के पास तेज़ रफ़्तार ट्रक ने ट्रेक्टर ट्रॉली में मारी... असम में राजधानी एक्सप्रेस से टकराकर 7 हाथियों की मौतः एक घायल; ट्रेन के 5 डिब्बे-इंजन पटरी से उतरे भिंड में रेत माफियाओं पर कार्रवाई के समय रेत माफियाओं ने एसडीएम की गाड़ी को मारी टक्कर बाल-बाल बचे। अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर पोस्ट मेन ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला की समाप्त ग्वालियर पुलिस लाइन के क्वार्टर में प्रधान आरक्षक ने की आत्महत्या, मचा हड़कंप
छत्तीसगढ़

प्रदेश अध्यक्ष समेत कई नेता गिरे, पहले जगदलपुर में झुलस गए थे कार्यकर्ता

बिलासपुर| बिलासपुर में रविवार को कांग्रेस की मशाल शांति रैली की शुरुआत जहां काफी अच्छी दिखी तो वहीं इसका अंत खराब रहा। रैली के समापन के दौरान प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम जब कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे तब अचानक भीड़ अधिक होने के कारण मंच भराभरा गिर गया। जिससे कई नेता मंच से गिर गए। वहीं बता दें कि इससे पहले 31 मार्च को जगदलपुर में कांग्रेस की मशाल रैली के दौरान कांग्रेस के आठ कार्यकर्ता झुलस गए थे। आग की चपेट में आने से कार्यकर्ताओं के चेहरे, हाथ-पैर समेत शरीर के कई अंग जल गए थे।

राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता समाप्त किए जाने के विरोध में बिलासपुर में आज कांग्रेसियों ने लोकतंत्र बचाओ मशाल शांति मार्च रैली निकाली। गांधी चौक से निकली मशाल रैली शहर के मुख्य मार्ग से होते हुए देवकीनंदन चौक पहुंची। मशाल रैली के समापन होने पर प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम कांग्रेस कार्यकर्ताओ को संबोधित कर रहे थे।

इसी दौरान मंच पर अधिक भीड़ होने से अचानक मंच गिर गया, जिससे प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम, प्रदेश प्रभारी चंदन यादव, विधायक शैलेश पांडे जिला अध्यक्ष विजय केसरवानी समेत बड़ी संख्या में स्थानीय नेता मंच से गिर गए। जिससे कई कांग्रेसी नेताओं को चोट भी लगी है। वहीं मोहन मरकाम व सह प्रभारी चंदन यादव बाल-बाल बच गए। मंच गिरने की घटना के बारे में जब प्रदेश अध्यक्ष से सवाल किया गया तो वे बात को टालते नजर आए। इस घटनाक्रम के बाद विपक्ष को अब बैठे बिठाए मुद्दा मिल गया है और कहीं न कहीं इस हादसे के बाद व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं।

 

Related Articles

Back to top button