ब्रेकिंग
मुरैना में 'जहर' पर मेहरबानी: क्या मिलावटखोरों के 'कवच' बन गए हैं अधिकारी गुप्ता? मुरैना पुलिस की 'सेलेक्टिव होली': सच दिखाने वालों से दूरी, वाह-वाही करने वालों पर 'रंग' की बौछार! यूजीसी और आरक्षण को लेकर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की दो दिवसीय राष्ट्रीय बैठक इंदौर में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित मंडला पुलिस की त्वरित कार्रवाई डकैती के पांच आरोपी जबलपुर से गिरफ्तार, रकम एवं उपयोग की गई कार बरामद भिंड के गोहद चौराहा थाना क्षेत्र के बिरखडी गांव के पास तेज़ रफ़्तार ट्रक ने ट्रेक्टर ट्रॉली में मारी... असम में राजधानी एक्सप्रेस से टकराकर 7 हाथियों की मौतः एक घायल; ट्रेन के 5 डिब्बे-इंजन पटरी से उतरे भिंड में रेत माफियाओं पर कार्रवाई के समय रेत माफियाओं ने एसडीएम की गाड़ी को मारी टक्कर बाल-बाल बचे। अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर पोस्ट मेन ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला की समाप्त ग्वालियर पुलिस लाइन के क्वार्टर में प्रधान आरक्षक ने की आत्महत्या, मचा हड़कंप
देश

दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी से यौन उत्पीड़न पीड़ितों का ब्योरा मांगा

नई दिल्ली । दिल्ली पुलिस ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को नोटिस जारी कर उन यौन उत्पीड़न पीड़ितों के बारे में जानकारी मांगी है, जिन्होंने उनसे सुरक्षा की मांग की थी। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि पुलिस द्वारा सोशल मीडिया पोस्ट का संज्ञान लेने और प्रश्नावली की सूची भेजने के बाद नोटिस जारी किया गया। अधिकारी ने कहा ‎कि दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी को उन पीड़ितों के बारे में विवरण देने के लिए नोटिस जारी किया है, जिन्होंने उनसे यौन उत्पीड़न के संबंध में संपर्क किया था। पुलिस ने उनसे इन पीड़ितों का विवरण देने को कहा है, ताकि उन्हें सुरक्षा प्रदान की जा सके। राहुल गांधी ने श्रीनगर में भारत जोड़ो यात्रा के दौरान कहा था ‎कि एक विशेष मामले में मैंने एक लड़की (जिसके साथ दुष्कर्म हुआ था) से पूछा कि क्या हमें पुलिस को फोन करना चाहिए? उसने कहा पुलिस को मत बुलाओ, मुझे शर्म आएगी। नोटिस पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस ने एक बयान में कहा ‎कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गौतम अडानी के संबंधों पर राहुल गांधी के सवालों से घबराई हुई सरकार अपनी पुलिस के पीछे छिप जाती है। भारत जोड़ो यात्रा के 45 दिन पूरे होने के बाद दिल्ली पुलिस ने एक नोटिस देकर उन महिलाओं का ब्योरा मांगा जो उनसे मिलीं और उत्पीड़न और हिंसा के बारे में बात की, जिनका उन्होंने सामना किया होगा। बयान में कहा गया है ‎कि हम कानून के अनुसार उचित समय पर नोटिस का जवाब देंगे। यह नोटिस सरकार की घबराहट और लोकतंत्र, महिला सशक्तिकरण, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और विपक्ष की भूमिका को कमजोर करने का एक और सबूत है।

Related Articles

Back to top button