ब्रेकिंग
मुरैना में 'जहर' पर मेहरबानी: क्या मिलावटखोरों के 'कवच' बन गए हैं अधिकारी गुप्ता? मुरैना पुलिस की 'सेलेक्टिव होली': सच दिखाने वालों से दूरी, वाह-वाही करने वालों पर 'रंग' की बौछार! यूजीसी और आरक्षण को लेकर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की दो दिवसीय राष्ट्रीय बैठक इंदौर में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित मंडला पुलिस की त्वरित कार्रवाई डकैती के पांच आरोपी जबलपुर से गिरफ्तार, रकम एवं उपयोग की गई कार बरामद भिंड के गोहद चौराहा थाना क्षेत्र के बिरखडी गांव के पास तेज़ रफ़्तार ट्रक ने ट्रेक्टर ट्रॉली में मारी... असम में राजधानी एक्सप्रेस से टकराकर 7 हाथियों की मौतः एक घायल; ट्रेन के 5 डिब्बे-इंजन पटरी से उतरे भिंड में रेत माफियाओं पर कार्रवाई के समय रेत माफियाओं ने एसडीएम की गाड़ी को मारी टक्कर बाल-बाल बचे। अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर पोस्ट मेन ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला की समाप्त ग्वालियर पुलिस लाइन के क्वार्टर में प्रधान आरक्षक ने की आत्महत्या, मचा हड़कंप
छत्तीसगढ़

कोरबा में SECL गेवरा कोल माइंस में लगी भीषण आग, प्रबंधन पर उठ रहे सवाल

कोरबा में एसईसीएल गेवरा कोल माइंस के कोल स्टॉक में भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया। दमकल विभाग को देर से सूचना मिलने पर कोल इंडिया को भारी नुकसान होने की संभावना है। आरोप है कि प्रबंधन ने समय से जानकारी नहीं दी इसीलिए आग पर काबू पाने में देर लगी। दमकल विभाग को आग पर नियंत्राण पाने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।

जानकारी के अनुसार एसईसीएल के अधिकारी इस आग पर काबू पाने का प्रयास इसलिए नहीं कर रहे हैं क्योंकि उन्हें आग के कारण अनियमितता करने का अवसर मिल जाता है। इससे कोल इंडिया को भारी नुकसान होता है, लेकिन,दूसरी तरफ अधिकारियों को अपना सीआर बेहतर प्रदर्शित करने का अवसर मिल जाता है।

बता दें, कि एसईसीएल में आगजनी की कोई पहली घटना नहीं है। खदान में इससे पहले भी कोल स्टॉक पर आग लग चुकी है। जिससे प्रबंधन को नुकसान उठाना पड़ा है। इस संबंध में एसईसीएल के अधिकारियों से संपर्क करना चाहा लेकिन उनका मोबाइल बंद था इसके अलावा घटनास्थल पर मौजूद अधिकारियों ने इस संबंध में कुछ भी कहने से मना कर दिया।

विभागीय दमकल वाहन ने 4 घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। लेकिन, तब तक कोल स्टाक का काफी हिस्सा धू-धू कर जल चुका था। इससे पहले भी कुसमुंडा गेवरा दीपका और मानिकपुर कोयले में आग लग चुकी है। लेकिन कई बार समय रहते आग पर काबू पा लिया जाता है। इस बार गेवरा खदान के कोल स्टॉक में लगी आग पर ध्यान नहीं दिया गया जिसके चलते काफी कोयला जल चुका था।

Related Articles

Back to top button