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दतिया। मुनिश्री सानिध्य में सोनागिर में 16 मंडलीय सिद्धचक्र महामंडल विधान में सिद्धो की आराधना हुई।
दतिया। प्रभु की भक्ति का स्मरण ही सुख को और बढ़ा देता है-मुनिश्री विनय सागर* 27 फरवरी से 06 मार्च तक 16 मंडलीय सिद्धचक्र महामंडल विधान महोत्सव में सिद्ध प्रभु की आराधना गूँजेगी। दतिया/ग्वालियर :- कभी दुख व संकट आए तो अपने भीतर समता रखना, कदापि विचलित नहीं होना, भयभीत होकर गलत कार्य नहीं करें। प्रभु की शरण में आना चाहिए। दुख में सारे सहारे बेसहारे हो जाते हैं तो प्रभु को याद करें। दुख कभी भगवान नहीं देते, यह तो तुम्हारे द्वारा किए गए कर्म का परिणाम होते हैं। यदि सुख आ जाए तो भी प्रभु को भूलना नहीं चाहिए। लगातार प्रभु की भक्ति का स्मरण ही सुख को और बढ़ा देता है। प्रभु से यही कामना करनी चाहिए कि मेरे कारण किसी को भी दुख न हो। यह विचार श्रमण मुनिश्री विनय सागर महाराज ने आज दूसरे दिन मंगलवार को जैन सिध्दक्षेत्र सोनागिर स्थित श्री कांच के मंदिर बीसपंथी कोठी में आयोजित 16 मंडलीय सिद्धचक्र विधान में धर्मसभा को संबोधित करते हुए व्यक्त किए। मुनिश्री ने कहा कि ईश्वर किसी को सुख या दुख नहीं देता है। इंसान के कर्मों से सुख और दुख आता है। जीवन में हमेशा प्रसन्न रहना चाहिए। मुस्कुराने से ही जीवन के कई संकट खत्म हो जाते हैं। इसलिए अधिक से अधिक हंसते हुए जीने की आदत डालनी चाहिए। *इंद्रो ने जयकारो के साथ कलशों से किया भगवान जिनेंद्र का अभिषेक, उतारी महाआरती* आयोजन समिति के प्रवक्ता सचिन जैन आदर्श कलम ने बताया कि महोत्सव के विधानचार्य पं0 विजय जैन शास्त्री ने मंत्रउच्चरण के साथ इंद्रो ने कलशों में शुद्धजल भरकर भगवान जिनेंद्र का अभिषेक जयकारो के साथ किया। भगवान की शांतिधार की गई । अभिषेक के उपरांत भगवान की महाआरती महिलाओ ने की। सिध्दचक्र महामंडल विधान श्रध्दाभाव के साथ प्रारंभ किया गया। *महोत्सव के दूसरे दिन इंद्रा-इंद्राणियो ने मिलकर 16 अर्घ्य किये समर्पित* मुनिश्री विनय सागर महाराज के सानिध्य में विधानचार्य विजय जैन शास्त्री ने 16 मंडलीय सिध्दचक्र विधान में इंद्रा-इंद्राणियो ने पीले वस्त्र धारण कर सिर पर मुकुट और गले में माला पहनकर भक्तिभाव के साथ पूजा आर्चन कर सिध्दप्रभू की आराधन करते हुए 16 महाअर्घ्य भगवान जिनेन्द को समर्पित किए। *आठ दिवसीय विधान में प्रतिदिन होगे यह कार्यक्रम* आयोजन समिति के प्रवक्ता सचिन जैन ने बताया कि 27 फरवरी से 06 मार्च तक प्रतिदिन प्रातः 6ः30 बजे से जाप्यानुष्ठान, प्रात 7 बजे से श्री जिनेन्द्र भगवान का अभिषेक शांन्तिधार, 8ः30 नित्यपूजन व सिध्दचक्र महामंडल विधान होगा। वही शाम 6:30 बजे से महाआरती, शास्त्र प्रवचन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होगे। सचिन जैन आदर्श कलम मो....9575360544, 7974836323



