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मुरैना। इंकलाबी नारों के साथ शुरू हुआ घेरा डालो डेरा डालो आंदोलन ।
मुरैना। पान सिंह हत्या काण्ड की जांच की मांग को लेकर एसडीएम कार्यालय पर डाला ताला जौरा --पान सिंह हत्याकांड की न्यायिक जांच की मांग को लेकर विगत दो माह से अधिक समय से चल रहे आंदोलन के क्रम में आज सोमवार को आन्दोलन कारिर्यों ने अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय पर नारेबाजी करते हुए घेरा डालो डेरा डालो आंदोलन शुरुआत की। इस दौरान आन्दोलनकारियो ने लगभग 2 घंटे तक कार्यालय में आवागमन अवरूद्ध कर दिया। गौरतलब है कि विगत लगभग 5 माह पूर्व नरसिंहपुरा निवासी पान सिंह जाटव अपने हक का राशन लेने के लिए पचोखरा पीडीएस दुकान पर गया था वहां राशन माफिया एवं कुछ दबंग लोगों ने पानसिंह का जातीय अपमान करते हुए उसकी मारपीट कर उसका राशनकार्ड फाड़कर वहां से भगा दिया। अपने साथ हुए जातीय अपमान की घटना की रिपोर्ट करने जब मानसिंह अपने छोटे भाई एवं मां के साथ चिन्नोनी थाने पहुंचा तो वहां पर उसकी थाना प्रभारी एवं अन्य पुलिसकर्मियों ने मारपीट करते हुए उसी को हवालात में बंद कर दिया। पान सिंह देवों के परिजनों ने पुलिस द्वारा की मां की घटना की लिखित शिकायत एसडीओपी कैलारस एवं पुलिस अधीक्षक मुरैना से भी की। पुलिस मारपीट की घटना के 2 दिन बाद पान सिंह की दौराने उपचार कैलारस अस्पताल में मौत हो गई। पुलिस मारपीट से पानसिंह की मौत को लेकर परिजन आक्रोशित हो गये। पुलिस एवं प्रशासन द्वारा प्रारंभ से ही पानसिंह की मौत पर पुलिस एवं प्रशासन प्रारंभ से ही पर्दा डालकर घटना के असल गुनाहगारों को बचाने का प्रयास कर रहा है। इसी क्रम में जहां कैलारस थाने में एक सैकड़ा से अधिक 1 सैकड़ा से अधिक ग्रामीणों के खिलाफ झूठे मामले दर्ज किए गए वही चिन्नोनी पुलिस भी को पानसिंह की मौत के मामले को दबाने के लिए परिजनों को तरह-तरह से प्रताड़ित करती रही है। इसी के विरोध में पूर्व विधायक महेशदत्त मिश्रा, सोनेरिम कुशवाह पूर्व विधायक,अशोक तिवारी राज्य सचिव मण्डल सदस्य माकपा,ओमप्रकाश सैन, रामहेत जाटव,नंदलाल खरे,मुरारी लाल अमर किनी सर्वदलीय आन्दोलन अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय में प्रारंभ किया गया था। आज घेरा डालो डेरा डालो आंदोलन के क्रम में कांग्रेस की वरिष्ठ नेता पंकज उपाध्याय एवं पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष मानवेंद्र सिंह गांधी ने अपने उद्बोधन में पान सिंह की मौत को पुलिस एवं दबंग माफिया के षणयंत्र का परिणाम बताया। नेता द्वय ने आंदोलन को हर तरह से समर्थन देने की घोषणा की। इसी क्रम में आंदोलन को संबोधित करते हुए सवाल विधानसभा से बसपा प्रत्याशी रहे राहुल दंडोतिया एवं भीम आर्मी के मनोज सेमिल ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि दलित युवक की मौत के मामले में लंबे समय से आंदोलन चलने के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं किया जाना प्रशासन और सरकार की संवेदनहीनता को उजागर करती है। आंदोलन को हरिसिंह कुशवाह जिला पंचायत सदस्य,मुरारीलाल अमर,नंदलाल खरे,रामहेत जाटव,सपा नेता राजगुरु यादव आदि ने भी संबोधित किया। इस दौरान कांग्रेस नेता लोरी जाटव,रानी खान कमलेश सविता सहित पान सिंह के परिजन एवं ग्रामीण उपस्थित थे। **तहसीलदार को भी करनी पड़ी प्रतीक्षा* जरा डालो डेरा डालो आंदोलन के दौरान आंदोलनकारियों ने जब एसडीएम कार्यालय के मुख्य द्वार पर ताला जड़ दिया। लगभग घंटे भर बाद तहसीलदार नरेश शर्मा वहां लिए आए तो आन्दोलन कारिर्यों ने दरवाजा खोलने से मना कर दिया इस पर उन्होंने अपने साथियों से आंदोलनकारियों की आंदोलनकारियों का वीडियो बनाकर एफ आई आर कराने की धमकी भी दी। तहसीलदार के इस रवैया को देखकर आंदोलनकारियों ने उन से अनुरोध किया कि वह हम सब को गिरफ्तार कर जेल भेज दें। *आन्दोलन के अगले चरण में 14 मार्च को देंगे गिरफ्तारी* पान सिंह जाटव हत्याकांड की न्यायिक जांच की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन के अगले चरण में आंदोलनकारियों ने अगले चरण में 14 मार्च को जेल भरो आंदोलन करने की घोषणा की है करने। इस संबंध में पूर्व विधायक महेशदत्त मिश्र ने बताया कि पान सिंह की मौत के मामले में पुलिस प्रशासन पूरी तरह दोषी हैं। इस कारण पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिल रहा ,इसलिए हमें आगामी 14 मार्च को जेल भरो आंदोलन शुरू करने का निर्णय लिया है।



