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उत्तरप्रदेश के बदायूं में शिवरात्रि को स्नान करने गये MBBS के तीन छात्र बहे गंगा में
बदायूं. यूपी के बदायूं के कछला घाट पर गंगा में बह गए एमबीबीएस के तीन छात्रों की तलाश जारी है. शनिवार को देर शाम एसडीआरएफ की टीम बदायूं पहुंची. इस दौरान वहां पर रोशनी के इंतजाम के लिए जनरेटर का प्रबंध कर रात 12 बजे तक गंगा में खोजबीन अभियान चला. इस बीच तकरीबन एक किमी तक छात्रों की तलाश की गई. हालांकि रात अधिक होने के चलते अभियान को रोक दिया गया. रविवार की सुबह फिर से सर्च अभियान शुरू किया गया. मौके पर एसडीआरएफ के अलावा गोताखोर भी छात्रों की तलाश में लगे हुए हैं. सुबह से ही गंगा घाट पर प्रशासनिक अधिकारियों की भी मौजूदगी है. गोताखोरों की टीम लगाई गई प्राप्त जानकारी के अनुसार राजकीय मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस के तृतीय वर्ष के छात्र महाशिवरात्रि पर गंगा स्नान के लिए कछला घाट गए हुए थे. इन छात्रों में भरतपुर के अंकुश, गोरखपुर के प्रमोद यादव, हाथरस के नवीन सेंगर, बलिया के पवन यादव और जौनपुर के जय मौर्य शामिल थे. यह सभी बाइक से वहां तक पहुंचे और गंगा स्नान के दौरान ही बहने लगे. इस बीच अंकुश और प्रमोद को बचा लिया गया, लेकिन नवीन सेंगर, पवन यादव और जय मौर्य का कुछ भी पता नहीं लगा है. छात्रों की तलाश को लेकर गोताखोरों की टीम भी लगाई गई है. देर शाम एसडीआरएफ की टीम भी पहुंची. घाट पर नहीं था सुरक्षा का इंतजाम घटना के बाद में देर रात प्राचार्य और कॉलेज के सभी डॉक्टरों के साथ मीटिंग भी की गई. इस बीच छात्रों की सुरक्षा को लेकर विचार-विमर्श किया गया. ज्ञात हो कि महाशिवरात्रि होने के बावजूद भी कछला गंगा घाट पर सुरक्षा व्यवस्था में चूक दिखी. पर्याप्त पुलिस बल यहां पर नहीं लगाया गया था. केवल कछला चौकी की फोर्स की तैनाती यहां पर की गई थी. यहां घाट पर फ्लड यूनिट भी नहीं लगी हुई थी. वहीं राजकीय मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. सीपी सिंह ने जानकारी दी कि घटना बड़ी है और कॉलेज प्रशासन इस घटना से काफी आहत है. छात्रों के परिजनों को घटना के बारे में सूचित कर दिया गया है. अभी तक 3 छात्रों के बारे में कोई भी जानकारी नहीं लग सकती है. छात्र कॉलेज से अनुमति लेकर गए थे या नहीं इसको लेकर भी जानकारी हासिल की जा रही है.



