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भोपाल। ना लिखित परीक्षा दी ना फिजिकल टेस्ट, डायरेक्टर आरक्षक बन गया।

ग्वालियर। विशेष सत्र न्यायालय ने आरक्षक भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी के दोषी पाए गए राजकुमार त्यागी व सोनू राठौर को चार-चार साल की सजा सुनाई है। साथ ही उन पर 5100-5100 रुपये का जुर्माना लगाया है। उम्मीदवार के स्थान पर लिखित परीक्षा देने वाले साल्वर प्रदीप त्यागी को फरार घोषित कर दिया है। राजकुमार त्यागी की जगह प्रदीप त्यागी ने लिखित परीक्षा दी व्यापम (व्यावसायिक परीक्षा मंडल) ने तीन सितंबर 2012 को आरक्षक भर्ती परीक्षा कराई थी। जिसमें राजकुमार त्यागी निवासी ग्राम चिन्नौनी जिला मुरैना का सेंटर बानमोर के एक स्कूल में था। वह परीक्षा देने नहीं आया, उसने अपने स्थान पर साल्वर के रूप में प्रदीप त्यागी निवासी चिन्नौनी ने परीक्षा दी। वह लिखित परीक्षा में पास हो गया। राजकुमार त्यागी की जगह सोनू राठोर ने फिजिकल टेस्ट दिया लिखित परीक्षा के बाद उसे शारीरिक परीक्षा के लिए बुलाया गया तो राजकुमार त्यागी ने अपनी जगह सोनू राठौर निवासी न्यू बिरलानगर ग्वालियर को पहुंचा दिया। शारीरिक परीक्षा में पास होने के बाद राजकुमार आरक्षक पद पर नियुक्त हो गया। उसकी पोस्टिंग भिंड जिले में हो गई। व्यापम घोटाला- आरक्षक भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों को 4-4 साल की जेल राजकुमार के फर्जीवाड़े की शिकायत भोपाल की गई। पुलिस अधीक्षक भिंड को पीएचक्यू से जांच का पत्र प्राप्त हुआ। नगर पुलिस अधीक्षक ने राजकुमार को अंगूठा के मिलान के लिए बुलाया। इसकी सूचना राजकुमार को मिली तो वह बिना बताए ड्यूटी से गायब हो गया। उसे गिरफ्तार किया गया और पूछताछ में पूरे फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हो गया। लिखित परीक्षा प्रदीप त्यागी ने और शारीरिक परीक्षा सोनू राठौर ने दी। सीबीआइ ने इस मामले की अतिरिक्त जांच कर कोर्ट में चालान पेश किया। कोर्ट ने दो दोषियों को सजा सुनाई है, जबकि साल्वर प्रदीप त्यागी को फरार घोषित कर दिया। उल्लेखनीय है कि इस मामले में सीबीआई ने सॉल्वड को परीक्षा केंद्र में प्रवेश देने वाले, फर्जी कैंडिडेट का फिजिकल टेस्ट लेने वाले, डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन करने वाले और इस प्रकार के किसी भी सरकारी अथवा गैर सरकारी व्यक्ति को सजा नहीं दिलाई। व्यापम घोटाले में सिर्फ कैंडिडेट और सॉल्वर को सजा दिलाई जा रही है।

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