ब्रेकिंग
मुरैना में 'जहर' पर मेहरबानी: क्या मिलावटखोरों के 'कवच' बन गए हैं अधिकारी गुप्ता? मुरैना पुलिस की 'सेलेक्टिव होली': सच दिखाने वालों से दूरी, वाह-वाही करने वालों पर 'रंग' की बौछार! यूजीसी और आरक्षण को लेकर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की दो दिवसीय राष्ट्रीय बैठक इंदौर में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित मंडला पुलिस की त्वरित कार्रवाई डकैती के पांच आरोपी जबलपुर से गिरफ्तार, रकम एवं उपयोग की गई कार बरामद भिंड के गोहद चौराहा थाना क्षेत्र के बिरखडी गांव के पास तेज़ रफ़्तार ट्रक ने ट्रेक्टर ट्रॉली में मारी... असम में राजधानी एक्सप्रेस से टकराकर 7 हाथियों की मौतः एक घायल; ट्रेन के 5 डिब्बे-इंजन पटरी से उतरे भिंड में रेत माफियाओं पर कार्रवाई के समय रेत माफियाओं ने एसडीएम की गाड़ी को मारी टक्कर बाल-बाल बचे। अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर पोस्ट मेन ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला की समाप्त ग्वालियर पुलिस लाइन के क्वार्टर में प्रधान आरक्षक ने की आत्महत्या, मचा हड़कंप
देश

गुजरात दंगे को लेकर शशि थरूर ने ‘सेक्युलर’ लोगों पर उठाए सवाल

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा है कि उन्होंने कभी भी लोगों से गुजरात दंगे को भूलकर आगे बढ़ने की बात नहीं कही है। थरूर ने कहा कि देश के धर्मनिरपेक्ष लोगों को गुजरात दंगे को लेकर खुद के बारे में दुर्भावनाग्रस्त रहने से कुछ हासिल नहीं होगा। दरअसल शशि थरूर ने इससे पहले अपने एक बयान में कहा था कि अब हमें गुजरात दंगे को पीछे छोड़ देना चाहिए और आज के समय की जो समस्याएं हैं, उन पर फोकस करना चाहिए। जिसे लेकर सोशल मीडिया पर शशि थरूर की खूब आलोचना हुई। जिसके बाद शशि थरूर ने अपने बयान पर सफाई दी है।तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि भारत को अब इस त्रासदी से आगे बढ़ना चाहिए। लोगों को लगता है कि इस दो दशक पुराने मामले को पीछे छोड़ देना चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट भी इस मामले में अपना फैसला दे चुका है। हालांकि उन्होंने ये भी कहा कि वह उन लोगों पर आक्षेप भी नहीं लगा रहे हैं, जिन्हें लगता है कि गुजरात दंगे का अभी पूरा सच सामने नहीं आया है। शशि थरूर के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर यूजर्स ने उनकी आलोचना शुरू कर दी। इस पर शशि थरूर ने अब सफाई पेश की है।शशि थरूर ने कहा है कि लोग मेरे विचारों से असहमत हो सकते हैं लेकिन 4 दशकों के सांप्रदायिक मामलों पर उनके रिकॉर्ड और दो दशकों तक गुजरात दंगा पीड़ितों के साथ खड़े होने पर कोई भी ऊंगली नहीं उठा सकता। थरूर ने कहा कि देश के धर्मनिरपेक्ष लोगों को अब इस मुद्दे पर दुर्भावनाग्रस्त रहने से कुछ हासिल नहीं होगा।

 

Related Articles

Back to top button