ब्रेकिंग
मुरैना में 'जहर' पर मेहरबानी: क्या मिलावटखोरों के 'कवच' बन गए हैं अधिकारी गुप्ता? मुरैना पुलिस की 'सेलेक्टिव होली': सच दिखाने वालों से दूरी, वाह-वाही करने वालों पर 'रंग' की बौछार! यूजीसी और आरक्षण को लेकर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की दो दिवसीय राष्ट्रीय बैठक इंदौर में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित मंडला पुलिस की त्वरित कार्रवाई डकैती के पांच आरोपी जबलपुर से गिरफ्तार, रकम एवं उपयोग की गई कार बरामद भिंड के गोहद चौराहा थाना क्षेत्र के बिरखडी गांव के पास तेज़ रफ़्तार ट्रक ने ट्रेक्टर ट्रॉली में मारी... असम में राजधानी एक्सप्रेस से टकराकर 7 हाथियों की मौतः एक घायल; ट्रेन के 5 डिब्बे-इंजन पटरी से उतरे भिंड में रेत माफियाओं पर कार्रवाई के समय रेत माफियाओं ने एसडीएम की गाड़ी को मारी टक्कर बाल-बाल बचे। अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर पोस्ट मेन ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला की समाप्त ग्वालियर पुलिस लाइन के क्वार्टर में प्रधान आरक्षक ने की आत्महत्या, मचा हड़कंप
विदेश

साइबर क्राइम पर शिकंजा कसने की तैयारी में अमेरिका और भारत

बढ़ते साइबर क्राइम और प्रौद्योगिकी-आधारित अपराध से निपटने के लिए भारत और अमेरिका की शीर्ष आंतरिक जांच एजेंसी सीबीआई और एफबीआई के अधिकारियों के बीच अहम बैठक हुई। इस बैठक में गतिशील और विकसित प्रौद्योगिकी-आधारित समाधान के लिए निरंतर सहयोग पर चर्चा की गई। इस बात की जानकारी न्याय विभाग ने सोमवार को दी। न्याय विभाग के मुताबिक एफबीआई और सीबीआई अधिकारियों के बीच बैठक पिछले सप्ताह नई दिल्ली में हुई थी।

डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस सिविल डिवीजन की कंज्यूमर प्रोटेक्शन ब्रांच के उप सहायक अटॉर्नी जनरल अरुण जी राव ने उपभोक्ता संरक्षण शाखा और एफबीआई के सहयोगियों के साथ पिछले सप्ताह नई दिल्ली में सीबीआई अधिकारियों के साथ बैठक कर साइबर-समर्थित से निपटने के प्रयासों को गहन और विस्तारित करने पर चर्चा की। इनमें वित्तीय अपराध और अंतर्राष्ट्रीय कॉल सेंटर धोखाधड़ी पर मुख्य रूप से चर्चा की गई।

इस बैठक में दोनों पक्षों ने अक्तूबर 2021 में अपनी पिछली बैठक के बाद से हुए इस प्रकार के अपराधों की प्रवृति पर चर्चा कीं। दोनों पक्षों ने इससे निपटने के लिए एक मजबूत अनुसंधान पर जोर डाला। इनमें कॉल सेंटर धोखाधड़ी के अमेरिकी पीड़ितों की गवाही को सुरक्षित करने के सफल प्रयास भी शामिल हैं। इसके अलावा इस बैठक में इस बात पर भी चर्चा की गई कि कैसे भारत में कथित अपराधियों के साथ-साथ सबूतों की जब्ती की गई। इसके अलावा कैसे भारत में कथित रूप से साइबर-सक्षम वित्तीय अपराधों और वैश्विक टेलीमार्केटिंग धोखाधड़ी में शामिल व्यक्तियों की गिरफ्तारी  के लिए अमेरिकी कानून प्रवर्तन की सहायता ली गई।

 

Related Articles

Back to top button