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दिल्ली। हर दिन लटक रही लोगों के रोजगार पर तलवार, अब स्विगी ने 380 कर्मचारियों को निकाला।

नई दिल्ली। फूड डिलीवरी कंपनी स्विगी ने 380 कर्मचारियों की छंटनी कर दी है। संबंधित कर्मचारियों को ईमेल भेजकर उन्हें तत्काल प्रभाव से बाहर कर दिया गया है। खुद कंपनी के सीईओ ने यह चिट्ठी लिखी। ईमेल में माफी मांगते हुए सीईए श्रीहर्ष मजेटी ने छंटनी के कई कारण बताए हैं और लिखा कि कंपनी ने गलती से जरूरत से ज्यादा भर्ती कर ली थी, इसलिए छंटनी करना पड़ी है। Swiggy CEO ने अपनी चिट्ठी में लिखा, हम पुनर्गठन की प्रक्रिया में अपनी टीम के आकार को छोटा करना का बहुत कठिन निर्णय लैे रहे हैं। इस प्रक्रिया में हम 380 प्रतिभाशाली स्विगस्टर्स को अलविदा कह रहे हैं। सब तरह से जांच-पड़ताल के बाद यह फैसला लिया गया है। आप सभी से बहुत खेद है। *स्विगी ने क्यों की कर्मचारियों की छंटनी:* स्विगी ने जिन प्रमुख कारणों का उल्लेख किया है, उनमें से एक चुनौतीपूर्ण आर्थिक स्थिति है। कंपनी ने खुलासा किया कि फूड डिलीवरी घट गई है, जिसके परिणामस्वरूप कम मुनाफा और कम आय हुई है। हालांकि, कंपनी ने लगे हाथ यह भी साफ कर दिया है कि उसके पास खुद को बनाए रखने के लिए पर्याप्त नकदी है। *मैक्रोसॉफ्ट ने 21 साल बाद निकाला तो ऐसे झलका भारतीय का दर्द:* हाल में ही माइक्रोसॉफ्ट ने भी अपनी सबसे बड़ी छंटनी को अंजाम दिया। हटाए गए कर्मचारियों में कई भारतीय भी हैं। अब ऐसी ही एक भारतीय मूल के कर्मचारी का दर्द सामने आया है। माइक्रोसॉफ्ट को अपने जीवन के 2 दशक से अधिक समय देने के बाद प्रशांत कमानी को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। प्रशांत ने लिंक्डइन पर अपनी बर्खास्तगी की खबर साझा की और कहा कि इससे उन्हें गहरा धक्का लगा है। कमानी माइक्रोसॉफ्ट में प्रिंसिपल सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट मैनेजर थें। यह उनकी पहली नौकरी थी। उन्हें लिखा कि लोगों को अपने काम से प्यार करना चाहिए, ना कि कंपनी से।

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