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भोपाल। पांच करोड़ 76 लाख के कृषि मंडी घोटाले में छह आरोपितों को सात सात वर्ष का कारावास।

भोपाल। किसानों से धान की खरीदारी कर नहीं किया था भुगतान! आरोपितों को 50-50 हजार रुपये अर्थदंड भी चुकाना होगा राजधानी की एक अदालत ने कृषि उपज मंडी में किसानों एवं व्यापारियों के साथ धोखाधड़ी करने वाले छह आरोपितों आशीष गुप्ता, राजेश राय, सुनील गुप्ता, रामस्वरूप राय, महेश अग्रवाल एवं विनय प्रकाश पटेरिया को सात-सात वर्ष के कारावास और 50-50 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। वहीं पांच आरोपितों को साक्ष्य के आभाव में बरी कर दिया। यह फैसला प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश संदीप कुमार श्रीवास्तव ने गुरुवार को सुनाया। बता दें कि घोटाले का मास्टर माइंड आरोपित आशीष गुप्ता चेक बाउंस के अन्य मामलों में पहले से जेल में हैं। साथ ही उसके विरुद्ध किसानों द्वारा लगाए गए आधा दर्जन चेक बाउंस के मामलों की सुनवाई न्यायालय में पूर्व से चल रही है। यह है मामला 21 अप्रैल 2019 को कृषि उपज मंडी के तात्कालिक सचिव प्रदीप मलिक द्वारा निशातपुरा थाने में सियाराम इंटरप्राइजेस के प्रोपराइटर आशीष गुप्ता के विरुद्ध शिकायत की गई थी। इसमें कहा गया है कि उसके द्वारा किसानों एवं व्यापारियों का लगभग पांच करोड़ 76 लाख 11 हजार रुपये का धान क्रय करने के बाद भुगतान नहीं किया गया। भुगतान के एवज में जो चेक किसानों को दिए गए थे, वह भी बाउंस हो गए। जबकि सियाराम इंटरप्राइजेस मंडी समिति की लाइसेंसी फर्म है। आशीष गुप्ता ने भोपाल में करोंद, रायसेन औबेदुल्लागज, विदिशा, श्यामपुर मंडी के किसानों से धान खरीदी कर उसका भुगतान नहीं किया। साथ ही उसके द्वारा कृषकों को भुगतान के प्रमाण स्वरूप जारी किए जाने वाले महत्वपूर्ण दस्तावेजों में भुगतान पत्रक (प्रारूप चार) पर किसानों से रकम प्राप्ति के हस्ताक्षर करा लिए गए और उनके साथ धोखाधड़ी की गई है।

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