ब्रेकिंग
मुरैना में 'जहर' पर मेहरबानी: क्या मिलावटखोरों के 'कवच' बन गए हैं अधिकारी गुप्ता? मुरैना पुलिस की 'सेलेक्टिव होली': सच दिखाने वालों से दूरी, वाह-वाही करने वालों पर 'रंग' की बौछार! यूजीसी और आरक्षण को लेकर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की दो दिवसीय राष्ट्रीय बैठक इंदौर में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित मंडला पुलिस की त्वरित कार्रवाई डकैती के पांच आरोपी जबलपुर से गिरफ्तार, रकम एवं उपयोग की गई कार बरामद भिंड के गोहद चौराहा थाना क्षेत्र के बिरखडी गांव के पास तेज़ रफ़्तार ट्रक ने ट्रेक्टर ट्रॉली में मारी... असम में राजधानी एक्सप्रेस से टकराकर 7 हाथियों की मौतः एक घायल; ट्रेन के 5 डिब्बे-इंजन पटरी से उतरे भिंड में रेत माफियाओं पर कार्रवाई के समय रेत माफियाओं ने एसडीएम की गाड़ी को मारी टक्कर बाल-बाल बचे। अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर पोस्ट मेन ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला की समाप्त ग्वालियर पुलिस लाइन के क्वार्टर में प्रधान आरक्षक ने की आत्महत्या, मचा हड़कंप
व्यापार

सेवानिवृत्त कर्मचारी न करें भ्रष्टाचार मामलों की जांच

केंद्रीय सतर्कता आयोग ने कहा है कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, बीमा कंपनियों और केंद्र सरकार के विभागों में भ्रष्टाचार के मामलों की जांच के लिए सेवानिवृत्त कर्मचारियों को शामिल नहीं किया जाए। आयोग ने यह निर्देश तब जारी किया है, जब यह देखा गया कि ज्यादातर विभाग भ्रष्टाचार मामलों की जांच के लिए अपने सेवानिवृत्त अधिकारियों को जांच अधिकारी के रूप में नियुक्त कर रहे थे।इसके साथ ही सतर्कता आयोग ने कहा है कि भ्रष्टाचार मामलों की जांच के लिए विभागों में सतर्कता अधिकारियों को भी जवाबदेह बनाया जाना बेहद महत्वपूर्ण है।

उन्हें सौंपे गए कर्तव्यों के निर्वहन में गोपनीयता से समझौता किए जाने पर उन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई भी आवश्यक रूप से की जाए। आयोग ने कहा है कि अगर सेवानिवृत्त अधिकारियों को जांच अधिकारी बनाया जाता है, तो उन पर कदाचार के लिए कार्रवाई नहीं की जा सकती, क्योंकि रिटायरमेंट के बाद उन पर अनुशासनात्मक नियम लागू नहीं होते हैं।

बता दें, आयोग ने अगस्त, 2000 में एक आदेश जारी कर कहा था कि विभागों में सतर्कता अधिकारी के रूप में पूर्णकालिक कर्मचारियों की नियुक्ति की जाए और एक सेवानिवृत्त कर्मचारी को सलाहकार के रूप में नियुक्त नहीं किया जाए। इसके बावजूद देखा गया कि विभागों ने जांच के लिए सेवानिवृत्त कर्मचारियों को नियुक्त किया जा रहा है। नवीनतम आदेश 13 जनवरी को जारी किया गया है। यह आदेश केंद्र सरकार के सभी मंत्रालयों व विभागों के सचिवों, केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों, बैंकों और बीमा कंपनियों सहित अन्य को जारी किया गया।

Related Articles

Back to top button