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पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद यादव का हुआ निधन, बेटी ने दी जानकारी, लंबे समय से चल रहा था इलाज।

भोपाल। पूर्व केंद्रीय मंत्री और जेडीयू के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव का निधन हो गया है. उन्होंने 75 साल की उम्र में अंतिम सांस ली. बेटी शुभाषिनी यादव ने ट्वीट कर जानकारी दी है. शरद यादव गुरुग्राम के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती थे और लंबे समय से उनका इलाज चल रहा था. शरद यादव 2003 में जनता दल बनने के बाद से लंबे समय तक पार्टी के अध्यक्ष रहे. वह सात बार लोकसभा सांसद भी रहे. बता दें कि, शरद यादव का जन्म मध्यप्रदेश में हुआ था. छात्र राजनीति की शुरुआत जबलपुर से हुई थी. शरद यादव मुख्य रूप से मध्यप्रदेश के होशंगाबाद जिले में स्थित बाबई गांव के रहने वाले हैं. उनका जन्म 1 जुलाई 1947 को एक किसान परिवार में हुआ था. जब वे 1971 में जबलपुर में इंजिनियरिंग की पढ़ाई कर रहे थे, तभी उनकी दिलचस्पी राजनीति में आई. यहां वे छात्र संघ के अध्यक्ष चुने गए. छात्र संघ अध्यक्ष बनने के बाद उन्होंने राजनीति में कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा. हालांकि, उनका राजनीतिक करियर छात्र राजनीति से ही शुरू हो गया था, लेकिन सक्रिय राजनीति में उन्होंने साल 1974 में पहली बार जबलपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा. ये समय जेपी आंदोलन का था. जेपी ने उन्हें हल्दर किसान के रूप में जबलपुर से अपना पहला उम्मीदवार बनाया था. शरद इस सीट को जितने में कामयाब रहे और पहली बार संसद भवन पहुंचे. इसके बाद साल 1977 में भी वे इसी सीट से सांसद चुने गए. उन्हें युवा जनता दल का अध्यक्ष भी बनाया गया. शरद यादव के राजनीतिक कद का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि, उन्होंने तीन अलग-अलग राज्यों से लोकसभा का चुनाव जीता. शरद यादव मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और बिहार से लोकसभा का चुनाव लड़ा, जिसमें उन्हें जीत मिली थी.

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