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कैप्टन और चालक दल के सदस्यों को बलि का बकरा न बनाएं, पूर्व पायलट ने एयर इंडिया की आलोचना

सेवारत और सेवानिवृत्त पायलट के एक वर्ग ने न्यूयॉर्क-दिल्ली की उस उड़ान के कैप्टन और चालक दल के सदस्यों को ड्यूटी से हटा लिए जाने की कड़ी निंदा की जिसमें नशे में धुत एक पुरुष यात्री ने महिला सहयात्री पर पेशाब कर दिया था। शनिवार को एअर इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और प्रबंध निदेशक कैम्पबेल विल्सन ने एक बयान जारी किया था जिसमें उन्होंने कहा कि चालक दल के चार सदस्यों और एक पायलट को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है और जांच पूरी होने तक उन्हें ड्यूटी से हटा दिया गया है।

एअर इंडिया में सूत्रों ने पुष्टि की कि जब विमान एआई102 दिल्ली में उतरा था तो चालक दल के सदस्यों ने इस पर विस्तृत रिपोर्ट सौंपी थी कि क्या हुआ था और इस पर कैप्टन ने हस्ताक्षर किए थे। पूर्व पायलट कैप्टन एस एस पानेसर ने कहा, ‘‘मौजूदा प्रक्रिया के मुताबिक, प्रत्येक उड़ान के बाद चालक दल एक रिपोर्ट दाखिल करता है कि उड़ान के दौरान केबिन में क्या हुआ था। इस पर कैप्टन के हस्ताक्षर होते हैं। अगर चालक दल विभाग और एअर इंडिया ने रिपोर्ट तुरंत नहीं पढ़ी तो वे अब कैप्टन को कैसे जिम्मेदार ठहरा सकते हैं?

ड्यूटी से हटा देना तथा कैप्टन को कारण बताओ नोटिस जारी करना पूरी तरह अनुचित और बेतुका है।” उन्होंने आरोप लगाया कि एअर इंडिया शर्मिंदगी और अपनी गलती से बचने के लिए चालक दल के सदस्यों और कैप्टन को बलि का बकरा बना रही है। उन्होंने कहा कि इस रिपोर्ट को दबाकर बैठे या आरोपी तथा पीड़िता के बीच सुलह कराने की कोशिश करने वाले उच्च अधिकारियों को सजा दी जानी चाहिए। पायलट समुदाय चालक दल के सदस्यों और कैप्टन के समर्थन में आ रहा है क्योंकि उनका मानना है कि अगर उनके खिलाफ किसी भी कार्रवाई की आवश्यकता होती तो वह घटना के तुंरत बाद की गयी होती।

वायु सेना के पूर्व कैप्टन अजय अहलावत ने कहा, ‘‘चालक दल ने विमान के उतरने पर एक लिखित रिपोर्ट के जरिए प्रबंधन को घटना की जानकारी दी थी। अगर रिपोर्ट स्पष्ट नहीं होती तो प्रबंधन और जानकारियां मांग सकता था। इसके बजाय एअरलाइन ने संबंधित यात्रियों के बीच समझौता कराकर मामले को दबाने की कोशिश की।” कैप्टन अहलावत से सहमति जताते हुए गैर लाभकारी संगठन ‘सेफ्टी मैटर्स फाउंडेशन’ के संस्थापक कैप्टन अमित सिंह ने कहा, ‘‘इसकी जड़ एअरलाइन में खराब सुरक्षा संस्कृति है। अगर इस घटना की जानकारी नहीं दी गयी होती तो चालक दल को जिम्मेदार ठहराया जा सकता था लेकिन अगर रिपोर्ट दी गयी तो प्रबंधन दोषी है।”

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