ब्रेकिंग
मुरैना में 'जहर' पर मेहरबानी: क्या मिलावटखोरों के 'कवच' बन गए हैं अधिकारी गुप्ता? मुरैना पुलिस की 'सेलेक्टिव होली': सच दिखाने वालों से दूरी, वाह-वाही करने वालों पर 'रंग' की बौछार! यूजीसी और आरक्षण को लेकर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की दो दिवसीय राष्ट्रीय बैठक इंदौर में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित मंडला पुलिस की त्वरित कार्रवाई डकैती के पांच आरोपी जबलपुर से गिरफ्तार, रकम एवं उपयोग की गई कार बरामद भिंड के गोहद चौराहा थाना क्षेत्र के बिरखडी गांव के पास तेज़ रफ़्तार ट्रक ने ट्रेक्टर ट्रॉली में मारी... असम में राजधानी एक्सप्रेस से टकराकर 7 हाथियों की मौतः एक घायल; ट्रेन के 5 डिब्बे-इंजन पटरी से उतरे भिंड में रेत माफियाओं पर कार्रवाई के समय रेत माफियाओं ने एसडीएम की गाड़ी को मारी टक्कर बाल-बाल बचे। अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर पोस्ट मेन ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला की समाप्त ग्वालियर पुलिस लाइन के क्वार्टर में प्रधान आरक्षक ने की आत्महत्या, मचा हड़कंप
विदेश

 पाक के विदेशी मुद्रा भंडार में आई गिरावट

इस्लामाबाद। पाकिस्तान के केंद्रीय बैंक का विदेशी मुद्रा भंडार आठ वर्ष के निचले स्तर 5.5 अरब डॉलर पर पहुंच गया है। इससे देश के सामने चूक का जोखिम भी बढ़ गया है। एक मीडिया रिपोर्ट में शुक्रवार को यह कहा गया। अर्थव्यवस्था को संभालने के सरकार के प्रयासों के बावजूद देश के विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट आई है।

एक पाकिस्तानी अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान (एसबीपी) का विदेशी मुद्रा भंडार 30 दिसंबर 2022 को समाप्त हुए हफ्ते के दौरान घटकर 5.576 अरब डॉलर रह गया जो इसका आठ साल का निचला स्तर है। इस हफ्ते के दौरान बाहरी कर्ज के पुनर्भुगतान के लिए एसबीपी के विदेशी विनिमय भंडार से 24.5 करोड़ डॉलर की निकासी हुई है।

अब पाकिस्तान सरकार के समक्ष चूक का गंभीर खतरा

अब पाकिस्तान सरकार के समक्ष चूक का गंभीर खतरा मंडरा रहा है। वहीं अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के साथ अगली किस्त जारी करने को वार्ता फिर से शुरू करने के अनेक प्रयास भी अब तक विफल रहे हैं। रिपोर्ट में कहा गया कि जनवरी 2022 में एसबीपी का विदेशी मुद्रा भंडार 16.6 अरब डॉलर था जिसमें 11 अरब डॉलर की गिरावट आई और यह 5.6 अरब डॉलर रह गया। ऐसे में पाकिस्तान सरकार के पास विदेशी कर्ज को चुकता करने के लिए मित्र देशों से और कर्ज लेने के अलावा और कोई रास्ता नहीं बचा है। अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक देश के पास विदेशी मुद्रा को जो भंडार बचा है उससे महज तीन हफ्ते का आयात ही किया जा सकता है।

Related Articles

Back to top button