ब्रेकिंग
मुरैना में 'जहर' पर मेहरबानी: क्या मिलावटखोरों के 'कवच' बन गए हैं अधिकारी गुप्ता? मुरैना पुलिस की 'सेलेक्टिव होली': सच दिखाने वालों से दूरी, वाह-वाही करने वालों पर 'रंग' की बौछार! यूजीसी और आरक्षण को लेकर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की दो दिवसीय राष्ट्रीय बैठक इंदौर में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित मंडला पुलिस की त्वरित कार्रवाई डकैती के पांच आरोपी जबलपुर से गिरफ्तार, रकम एवं उपयोग की गई कार बरामद भिंड के गोहद चौराहा थाना क्षेत्र के बिरखडी गांव के पास तेज़ रफ़्तार ट्रक ने ट्रेक्टर ट्रॉली में मारी... असम में राजधानी एक्सप्रेस से टकराकर 7 हाथियों की मौतः एक घायल; ट्रेन के 5 डिब्बे-इंजन पटरी से उतरे भिंड में रेत माफियाओं पर कार्रवाई के समय रेत माफियाओं ने एसडीएम की गाड़ी को मारी टक्कर बाल-बाल बचे। अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर पोस्ट मेन ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला की समाप्त ग्वालियर पुलिस लाइन के क्वार्टर में प्रधान आरक्षक ने की आत्महत्या, मचा हड़कंप
मुख्य समाचार

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने जिस अधिकारी को मंच से किया था निलंबित, उस आदेश पर कोर्ट ने लगाई रोक।

ग्वालियर। हाई कोर्ट की एकल पीठ ने उस सांख्यिकी अधिकारी के निलंबन पर रोक लगा दी, जिसे विदिशा में सभा के दौरान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंच से निलंबित किया था। कोर्ट ने नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। याचिका की सुनवाई दो फरवरी को संभावित है। छह दिसंबर 2022 को विदिशा में समरसता सम्मेलन का आयोजन किया गया था। इस सम्मेलन की सभा में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने मंच से जिला योजना व सांख्यिकी अधिकारी महेंद्र कुमार नवैया को निलंबित कर दिया था। इस निलंबन के आदेश को नवैया ने हाईकोर्ट में चुनौती दी। उनकी ओर से तर्क दिया गया कि निलंबन के लिए ठोस आधार नहीं बताया। सिर्फ यह कहते हुए निलंबित किया है कि काम में देर करते हैं। कौनसा काम देर से किया है, इसका कोई उल्लेख नहीं है। निलंबन के पीछे निर्माण कार्यों में देरी का भी हवाला दिया गया, लेकिन नवैया एक साल पहले ही स्थानांतरण होने के बाद जिले में पहुंचे थे। जो व्यक्ति एक साल पहले ही आया है, उसकी वजह से कैसे निर्माण कार्य देर से हो सकते हैं। कोर्ट ने याचिकाकर्ता का पक्ष सुनने के बाद निलंबन पर रोक लगा दी। बजट का खाली कालम देख महापौर ने जताई आपत्ति वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए नगर निगम का बजट तैयार करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। निगम बजट की पहली बैठक बुधवार को बाल भवन के टीएलसी सभागार में हुई। इसमें राजस्व मद को लेकर चर्चा की गई। बैठक के दौरान बजट के प्रेजेंटेशन में कुछ स्थानों पर खाली कालम देखकर महापौर ने आपत्ति जताई और निर्देश दिए कि इन्हें पूरी तरह भरकर आगामी बैठकों में लाया जाए। बैठक के दौरान निगम के राजस्व को बढ़ाने को लेकर भी चर्चा की गई।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button