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पुरातत्वविदों को ईरान में उत्खनन के दौरान प्राचीन मंदिर के अवशेष मिले 

तेहरान। ईरान में पुरातत्वविदों को उत्खनन के दौरान कुछ ऐसा मिला है इस देखकर हर कोई हैरान हैं। जी हां ईरान की एक ऐतिहासिक साइट पर हो रही खुदाई में खोजकर्ताओं को एक प्राचीन मंदिर के अवशेष मिले हैं। यह मंदिर प्राचीन ईरान के सबसे ताकतवर साम्राज्यों में से एक ससनीद साम्राज्य का बताया जा रहा है। पुरातत्वविदों को उत्तर पूर्वी ईरान में खुदाई के दौरान प्राचीन मंदिर के ये अवशेष मिले हैं। पहली बार अवशेषों को देखकर पुरातत्वविदों की टीम भी दंग रह गई। साइट पर खुदाई कर रहे पुरातत्वविदों का कहना है कि यह खोज काफी खास है क्योंकि इसके जरिए प्राचीन ईरानी कला इतिहास का एक नया अध्याय खुलकर सामने आ सकता है।

ईरान की इस साइट पर उत्खनन कर रही टीम में शामिल पुरातत्वविद मीसम लब्बाफ खानिकी ने कहा कि पुरातत्व विभाग उत्तरी पूर्व ईरान के एक गांव के पास प्राचीन साइट पर खुदाई का कार्य कर रहा है। खुदाई के दौरान पुरातत्व विभाग की टीम को ससनीद साम्राज्य के एक अग्नि मंदिर के अवशेष मिले हैं। वहीं इसके साथ ही टीम को प्राचीन चित्रकला से जुड़ी कुछ चीजें भी मिली हैं जो काफी शानदार हैं।
खोज के दौरान जिओमेट्रिक प्लांट से सजे हुए प्लास्टरवर्क के कई शानदार टुकड़े भी मिले हैं। इन चीजों के मिलने से यह साफ होता है कि इस साइट का धार्मिक और आर्थिक पहलू भी है। पुरातत्वविद खानिकी ने कहा कि इस साइट से जो भी खोज की गई हैं यह ससनीद साम्राज्य के दौरान ईरानी कला के इतिहास का एक नया अध्याय है। पुरातत्वविद ने कहा कि खुदाई में मिले अग्नि मंदिर में एक समय पर हीपोस्टाइल हॉल रहा होगा। पुरातत्वविद ने कहा कि उस समय पर मंदिर का यह हॉल अलग-अलग तरह की नक्काशी से सजा हुआ रहा होगा।

मालूम हो कि साल 2014 से पुरातत्वविद ससनीद साम्राज्य के स्मारक की अच्छी तरह से स्टडी करने के लिए अलग-अलग सर्वे कर रहे हैं। इन सभी सर्वो में स्मारक की अच्छी तरह से जांच की जा रही है। दरअसल ससनीद काल का ईरानी इतिहास में खास महत्व है। ससनीद काल में पारसी आर्किटेक्चर और आर्ट्स का पुनरुद्धार भी किया गया। प्राचीन ईरान में ससनीद साम्राज्य के दौरान जो भी काम किया जाता था वह पहलवी में होता था। यह ससनीद साम्राज्य की भाषा थी और उस साम्राज्य से आने वाले सभी लोग इसी का इस्तेमाल करते थे।

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