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ग्वालियर।मेले पर कोरोना का साया, कोविड की गाइडलाइन से डरा पार्किंग ठेकेदार, बोला- हमारा टेंडर निरस्त कर पैसा वापस दो ।
ग्वालियर बीते 117 साल से ग्वालियर के साथ-साथ प्रदेश और देश की शान बना ग्वालियर व्यापार मेला पर अब फिर से कोविड संकट मंडराने लगा है। वैसे तो शहर में कोरोना का कोई केस नहीं मिला है, लेकिन चाइना में बिगड़ते हालात और उस पर सरकार की तैयारियों को लेकर व्यापारी डरे हुए हैं। मेला को लेकर व्यापारी असमंजस में हैं। व्यापारियों को लगता है कि कहीं साल 2021 की तरह बीच में अचानक मेला बंद न कर दिया जाए। यह कारण है कि अब मेला में पार्किंग का ठेका चलाने वालों ने प्रशासन से अपना टेंडर निरस्त कर पैसा वापस करने की मांग की है। ठेकेदार का कहना है कि बीते साल मेला बीच में रद्द करने के बाद उन्हें काफी नुकसान हुआ था। इस बार ऐसा हुआ तो वह यह घाटा नहीं झेल पाएंगे। ठेकेदार ने यह उठाई मांग ग्वालियर व्यापार मेले में पार्किंग का ठेका लेने वाले ठेकेदार ने प्राधिकरण को दिए आवेदन पत्र में साफ कहा है कि बीते साल भी कोरोना की दस्तक के चलते व्यापार मेला बीच में ही बंद करना पड़ा था जिसके कारण उसे लाखों रुपए का नुकसान हुआ था। जिसकी जमा राशि आज तक प्राधिकरण से उसे वापस नही मिल पाई है, जबकि इस बार भी कोरोना की आशंका को देखते हुए सरकार ने एडवाइजरी जारी कर दी है। वहीं जिला कलेक्टर ने कोविड-19 की गाइड लाइन जारी की है। जिसमें भीड़ भाड़ वाली जगह पर ना जाने और मास्क का उपयोग करने की सलाह दी है। मेला में भीड़ भाड़ होना लाजमी है ? ऐसे में जब कोई वाहन पार्क करने वाला आएगा ही नही तो पार्किंग ठेके से फिर से होने वाले लाखों के नुकसान को अब बर्दाश्त करना सम्भव नही है। मेला प्राधिकरण का कहना ग्वालियर व्यापार मेला प्राधिकरण के सचिव नीरज श्रीवास्तव ने बताया कि बीते साल कोरोना की स्तिथि को देखते हुए इस साल प्राधिकरण ने टेंडर शर्तो में भी बदलाव कर दिया है। जिसमें एक बिंदु में यह साफ कहा गया है कि यदि किसी स्तिथि में मेले को बीच मे ही बन्द, निरस्त या रोकना पड़ा तो उस स्तिथि में पार्किंग ठेके की जमा राशि वापस नही की जायेगी। कोई हर्जाना भी नही दिया जाएगा। यही कारण है कि अभी वर्क ऑर्डर नही लिया है। लिहाजा टेंडर की राशि वापस करते हुए टेंडर खत्म माना जा सकता है।


