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माँ भगवती परम शांति का स्त्रोत – साध्वी अदिति भारती

आदि शक्ति के हाथ में निहित है आत्मबोध की चाबी – साध्वी अदिति भारती सतगुरु ही मानव को देवी माँ के वास्तविक स्वरुप का साक्षात्कार करा जीवन मुक्ति की कला सिखाते हैं - साध्वी अदिति भारती दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा संस्कृति वाटिका, शिव विहार वेस्ट, मेन विकास नगर, दिल्ली में 21 से 27 दिसम्बर 2022 तक श्रीमद देवी भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है| कथा के प्रथम दिवस श्री आशुतोष महाराज जी की शिष्या कथाव्यास साध्वी अदिति भारती जी ने श्रीमद देवी भागवत महापुराण की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि देवी की महिमा से ओतप्रोत यह ग्रन्थ अशक्त और अज्ञानता के अंधकार में डूबे मानव समाज को सशक्त व् प्रकाशित करने का श्रेष्ठ साधन है| कथा के पात्रों सूरथ और समाधि की मनोदशा का विश्लेषण करते हुए साध्वी जी ने बताया की यह दोनों आज के प्रत्येक मानव की मोह से ग्रसित मनोदशा का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं| यह गाथा मानव को इस मोह पाश से मुक्ति की रह दिखा रही है| इस कथा की विलक्षणता है कि साध्वी जी केवल कथानकों का वाचन ही नहीं कर रही अपितु उन में निहित विभिन्न सामाजिक और अध्यात्मिक पक्षों को भी प्रस्तुत कर रही हैं| कथा के अंतिम क्षणों में साध्वी जी ने रेखांकित किया की सतगुरु की शरणागति के बिना मानव कभी भी इस माया जाल से मुक्त नहीं हो सकते| सतगुरु ही मानव को ईश्वर के वास्तविक स्वरुप का साक्षात्कार करा दूसरा श्रेष्ठ जन्म देते हैं और उससे जीवन मुक्ति की कला सिखाते हैं|

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