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जौरा में पॉकेट मार पकड़ा:पर्स चोरी कर ATM का लिफाफा खोल रहा था, फरियादी ने लिफाफा पहचान, पकड़ लिया।
मुरैना के जौरा में एक पॉकेटमार उस समय पकड़ा गया जब वह पर्स चुराकर उसमें रखे ATM के साथ आए लिफाफे को खोलकर देख रहा था। पर्स चोरी होने से बदहवास फरियादी की नजर जब उस पर पड़ी तो तुरंत उस लिफाफे को पहचान लिया और चोर को रंगे हाथों पकड़ लिया। फिलहाल चोर जौरा थाने में बंद है और पुलिस उससे आगे-पीछे की जाने वाली चोरियां का खुलासा करवा रही है। कहा जाता है कि, चोर भले ही कितनी सफाई से चोरी करे, लेकिन एक न एक दिन पकड़ा ही जाता है। वह कोई ऐसी गलती कर बैठता है कि वह उसे हवालात की हवा खिला देती है। ऐसा ही मामला जौरा कस्बे में उस समय घटा जब एक व्यक्ति का पर्स आदतन चोर ने उसके जेब से पार कर दिया। पर्स में दो दिन पहले आए ATM के साथ उसका लिफाफा भी रखा था। चोर अधिक पढ़ा-लिखा नहीं था। वह पर्स चुराने के बाद थोड़ी दूर पर जाकर बैठ गया और उस पर्स को खोलकर देखने लगा। पर्स में उसे ATM का लिफाफा जब दिखा तो उसने सोचा कि देखें इसमें क्या है। वह उसे खोलकर देख ही रहा था कि इतने में वह व्यक्ति बदहवास की स्थित में घूमता पहुंच गया जिसका पर्स उसने पार किया था। वैसे वह व्यक्ति उस चोर पर शक नहीं करता, लेकिन जब उसने देखा कि एक व्यक्ति बैठा एटीएम का लिफाफा देख रहा है, तो वह उसके पास जा पहुंचा। देखा तो वह लिफाफा उसी का था तथा उसके ही हाथ में उसका पर्स था। फिर क्या था, उसने उसे तुरंत मौके पर ही पकड़ लिया और उसका गिरेबान पकड़कर चोर-चोर चिल्लाने लगा। देखते ही देखते वहां भीड़ एकत्रित हो गई। भीड़ ने पकड़कर चोर की धुनाई कर दी। पुलिस को बुलवा लिया और उसे पुलिस के हवाले कर दिया। अब, पुलिस उस चोर से यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि अभी तक उसने कितनी चोरियों को अंजाम दिया है। फरियादी घनश्याम सिकरवार फरियादी घनश्याम सिकरवार यह है पूरा मामला जौरा कस्बे के छोटी लाइन रेलवे स्टेशन के पीछे रहने वाले घनश्याम सिकरवार, मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी, मुरैना में आउटसोर्स पर नियुक्त कर्मचारी हैं। बीते रविवार की देर शाम वे जौरा बस स्टेण्ड के सामे बने राकेश पान वाले की दुकान पर पहुंचे और कुछ सामान खरीदने लगे। उसी दौरान आदतन चोर छिंगा पुत्र अल्लानूर, निवासी सिंग्नलपुरा, जौरा भी वहीं शिकार की तलाश में घूम रहा था। उसने घनश्याम का पर्स उसकी जेब से चोरी कर लिया। पर्स निकालकर वह थोड़ी दूर स्थित हनुमान चौराहे से मई वाले कुएं की तरफ जाने वाले मार्ग पर स्थित संजय मोबाइल नामक दुकान के पास बैठ गया और पर्स खोलकर देखने लगा। घनश्याम सिकरवार का दो दिन पहले ही एटीएम आया था, ATM जिस लिफाफे में आया था वह भी पर्स में रखा था। छिंगा चोर पर्स खोलकर उस लिफाफे को खोलकर देखने लगा कि इसमें क्या है। उधर घनश्याम सिकरवार ने राकेश पान वाले की दुकान पर सामान के पैसे देने के लिए जब जेब पर हाथ रखा तो पर्स गायब मिला। पर्स गायब होने से वह घबरा गए तथा बदहवास की स्थित में इधर-उधर नजरें घुमाने लगे। नजरें घुमाते-घुमाते वह भी उसी रास्ते पर चलकर उस जगह पहुंच गए जहां चोर बैठा उनके पर्स में से ATM का लिफाफा निकालकर उसे आश्चर्य की तरह देख रहा था। अनपढ़ चोर छिंगा यह समझ ही नहीं पा रहा था कि यह आखिर क्या बला है। घनश्याम सिकरवार की नजर छिंगा पर जब पड़ी तो उन्होंने उस पर ध्यान नहीं दिया लेकिन जब उसके हाथ में पकड़े लिफाफे पर पड़ी तो वह तुरंत पहचान गए कि यह तो एटीएम का लिफाफा है। वह पास पहुंचे तो देखा कि चोर छिंगा के हाथ में उनका पर्स भी है। फिर क्या था उन्होंने तुरंत चोर को पकड़ लिया और उसेक गिरेबान पकड़कर चोर-चोर चिल्लाने लगे। देखते ही देखते वहां भीड़ एकत्रित हो गई और उन्होंने छिंगा चोर की धुनाई कर दी। बाद में 100 डायल कर पुलिस को बुला लिया और थाने में आवेदन देकर चोर को हवालात की हवा खिला दी। फरियादी को थाने ले जाते हुए फरियादी को थाने ले जाते हुए कहते हैं फरियादी पर्स में 1500 रुपए व ATM व आधार कार्ड रखा था। मैं उसे बिल्कुल नहीं पहचान पाता लेकिन जब मेरी नजर उसके हाथ में पकड़े उस ATM के लिफाफे पर पड़ी तो मैं तुरंत पहचान गया और मैने चोर को पकड़ लिया। घनश्याम सिकरवार, फरियादी कहती है पुलिस चोर से पूछताछ कर रहे हैं। उसने अभी तक कितनी चोरियों को अंजाम दिया है, इसका भी खुलासा किया जाएगा। अरुण कुशवाह, थाना प्रभारी, जौरा,


