ब्रेकिंग
मुरैना में 'जहर' पर मेहरबानी: क्या मिलावटखोरों के 'कवच' बन गए हैं अधिकारी गुप्ता? मुरैना पुलिस की 'सेलेक्टिव होली': सच दिखाने वालों से दूरी, वाह-वाही करने वालों पर 'रंग' की बौछार! यूजीसी और आरक्षण को लेकर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की दो दिवसीय राष्ट्रीय बैठक इंदौर में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित मंडला पुलिस की त्वरित कार्रवाई डकैती के पांच आरोपी जबलपुर से गिरफ्तार, रकम एवं उपयोग की गई कार बरामद भिंड के गोहद चौराहा थाना क्षेत्र के बिरखडी गांव के पास तेज़ रफ़्तार ट्रक ने ट्रेक्टर ट्रॉली में मारी... असम में राजधानी एक्सप्रेस से टकराकर 7 हाथियों की मौतः एक घायल; ट्रेन के 5 डिब्बे-इंजन पटरी से उतरे भिंड में रेत माफियाओं पर कार्रवाई के समय रेत माफियाओं ने एसडीएम की गाड़ी को मारी टक्कर बाल-बाल बचे। अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर पोस्ट मेन ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला की समाप्त ग्वालियर पुलिस लाइन के क्वार्टर में प्रधान आरक्षक ने की आत्महत्या, मचा हड़कंप
उत्तरप्रदेश

जलेसर दरगाह से हुए 99 करोड़ के गबन की अब EOW करेगी जांच, कमेटी ने चढ़ावे की रकम में की थी घपलेबाजी

उत्तर प्रदेश के एटा (Etah) जनपद के जलेसर स्थित बड़े मियां छोटे मियां दरगाह (Jalesar Bade Miyan Chote Miyan Dargah) में 99 करोड़ के घपलेबाजी (99 Crore Scam) की जांच आर्थिक अपराध शाखा करेगी। यह मामला लखनऊ ईओडब्ल्यू को ट्रांसफर कर दिया गया है। अभी तक इस मामले की जांच एटा पुलिस के पास थी।

इस मामले में 10 आरोपियों के खिलाफ कोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी किए थे। हालांकि आरोपी अभी भी फरार हैं।जानकारी के अनुसार, जलेसर की बड़े मियां दरगाह पर प्रबंध समिति ने 99 करोड़ का गबन किया था, जिसकी रिपोर्ट अप्रैल 2022 में जलेसर देहात के प्रधान शैलेंद्र राजपूत ने दर्ज कराई थी।

समति के अध्यक्ष अकबर अली सहित 10 लोग नामित किए गए। लोग बड़े मियां की दरगाह के चढ़ावे की रकम का बंदरबांट करते रहे हिसाब किताब प्रशासन को नहीं दिया था। आरोपितों ने जिला जज के यहां अग्रिम जमानत मांगी थी मगर खारिज कर दी गई। दरगाह पर इस समय प्रशासक की नियुक्ति है। इस दरगाह पर शनि जात के लिए हजारों श्रद्धालु हर शनिवार को आते हैं।

अब मामले की जांच आर्थिक अपराध शाखा करेगी। शासन ने एटा पुलिस को फाइल लखनऊ भेजने का निर्देश दिया था। अपर पुलिस अधीक्षक क्राइम विनोद पांडे ने बताया शासन के निर्देश पर जांच अधिक अपराध शाखा को ट्रांसफर कर दी गई है। पुलिस द्वारा जांच में जो प्रगति की गई उसके बारे में भी जानकारी ईओडब्ल्यू को दी गई है।

Related Articles

Back to top button