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 मध्य रेल द्वारा भारत की जी 20 प्रेसीडेंसी अवधि को यादगार बनाने हेतु एक पहल

मुंबई। मध्य रेल ने विभिन्न प्रकाशनों वेबसाइटों स्टेशनरी और सोशल मीडिया प्लेटफार्मों में लोगो के उपयोग के माध्यम से दर्शकों को परिचित कराकर भारत की जी 20 प्रेसीडेंसी अवधि को यादगार बनाने हेतु कदम उठाए हैं। जी 20 लोगो भारत के राष्ट्रीय ध्वज के जीवंत रंगों-केसरिया सफेद और हरा और नीला से प्रेरणा लेता है। यह भारत के राष्ट्रीय फूल कमल के साथ पृथ्वी ग्रह को जोड़ता है जो चुनौतियों के बीच विकास को दर्शाता है। पृथ्वी जीवन के प्रति भारत के ग्रह-समर्थक दृष्टिकोण को दर्शाती है जो प्रकृति के साथ पूर्ण सामंजस्य में है। जी 20 लोगो के नीचे देवनागरी लिपि में भारत लिखा हुआ है। भारत के जी 20 प्रेसीडेंसी का विषय – वसुधैव कुटुम्बकम या एक पृथ्वी • एक परिवार•एक भविष्य- महा उपनिषद के प्राचीन संस्कृत पाठ से लिया गया है। अनिवार्य रूप से विषय सभी जीवन के मूल्य की पुष्टि करता है – मानव पशु पौधे और सूक्ष्मजीव – और ग्रह पृथ्वी पर और व्यापक ब्रह्मांड में उनकी परस्पर संबद्धता है। विषय व्यक्तिगत जीवन शैली के साथ-साथ राष्ट्रीय विकास दोनों के स्तर पर इसके संबद्ध पर्यावरणीय रूप से टिकाऊ और जिम्मेदार विकल्पों के साथ लाइफ (पर्यावरण के लिए जीवन शैली) को भी उजागर करता है जिससे विश्व स्तर पर परिवर्तनकारी कार्रवाइयां होती हैं जिसके परिणामस्वरूप एक स्वच्छ और हरित  भविष्य होता है।

लोगो और थीम मिलकर भारत के जी 20 प्रेसीडेंसी का एक शक्तिशाली संदेश देते हैं जो दुनिया में सभी के लिए न्यायसंगत और समान विकास के लिए प्रयासरत है क्योंकि हम इस अशांत समय के माध्यम से एक स्थायी समग्र जिम्मेदार और समावेशी तरीके से नेविगेट करते हैं। वे आसपास के पारिस्थितिकी तंत्र के साथ सद्भाव में रहने के हमारे जी 20 प्रेसीडेंसी के लिए एक विशिष्ट भारतीय दृष्टिकोण का प्रतिनिधित्व करते हैं। भारत के लिए जी 20 प्रेसीडेंसी अमृतकाल की शुरुआत का भी प्रतीक है 15 अगस्त 2022 को इसकी स्वतंत्रता की 75 वीं वर्षगांठ से शुरू होने वाली 25 साल की अवधि इसकी स्वतंत्रता की शताब्दी तक एक भविष्यवादी समृद्ध समावेशी और विकसित समाज जिसके मूल में मानव-केंद्रित दृष्टिकोण है।

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