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इंदौर। एक करोड़ की धोखाधड़ी करने के आरोप में फँसे सीए संजय सोडानी को अभिलाष खांडेकर और सिंधिया ने एमपीसीए सदस्य बनवाया।
इंदौर। एमपीसीए के काले कारनामों एंव 24 जनवरी को होने वाली टिकिट कालाबाज़ारी के लिए धोखाधड़ी के आरोप में आरोपित सीए संजय सोडानी की एमपीसीए में एंट्री एमपीसीए में भ्रष्टाचार के आरोपों को सिद्ध कर रही हैं” “सिंधिया ने एमपीसीए को टिकिट कालाबाज़ारी और भ्रष्टाचार का अड्डा बना दिया” “धोखाधड़ी के आरोप में फँसे सीए संजय सोडानी की सदस्यता रद्द करें एमपीसीए “ “प्रधानमंत्री,मुख्यमंत्री,बीसीसीआई को शिकायत इंदौर, एमपीसीए में काले कारनामों और घोटालों को सही साबित करने के लिए सीईओ रोहित पंडित की मदद के लिए एमपीसीए अध्यक्ष अभिलाष खांडेकर और सांसद सिंधिया ने एक ऐसे भ्रष्ट और धोखाधड़ी के आरोप में फँसे सीए संजय सोडानी को एमपीसीए सदस्य बनाकर यह खूला संदेश दे दिया हैं की अब एमपीसीए में भ्रष्टाचार और टिकिटों की कालाबाज़ारी खुलेआम की जाएगी।एमपीसीए सूत्रों के अनुसार अब सारे अवैध ख़र्चों को वैध तरीक़े से दर्शाने के लिए सिंधिया ने एमपीसीए के सदस्य के रूप में धोखाधड़ी के आरोप में फँसे सीए संजय सोडानी को सदस्य बनाया हैं।एमपीसीए को बर्बाद करने में सिंधिया और खांडेकर कसर नहीं छोड़ रहे हैं।धोखाधड़ी के आरोप में आरोपित सीए संजय सोडानी का क्रिकेट से दूर-दूर तक नाता नहीं हैं लेकिन धोखाधड़ी करके पैसा कैसा हड़पा जाता हैं इसमें सीए संजय सोडानी इंदौर में नम्बर वन हैं। एमपीसीए में सिंधिया ने चुन चुनकर ऐसे भ्रष्ट और धोखाधड़ी करने में सिद्धहस्त चालीस चोरों की टीम बनाकर एमपीसीए के करोड़ों के बजट को लूटने की पूरी तैयारी कर रखी हैं। म.प्र. कांग्रेस कमेटी के पूर्व प्रदेशसचिव एंव एमपी अगेंस्ट एमपीसीए करप्शन के प्रवक्ता राकेश सिंह यादव ने आरोप लगाया हैं की एमपीसीए में चुनाव नहीं कराना सिंधिया की मजबूरी हैं। एमपीसीए में घोटालों को छिपाने के लिए अब सिंधिया ने खांडेकर के साथ मिलकर नया दांव खेला हैं।धोखाधड़ी के आरोप में फँसे संजय सोडानी को एमपीसीए का सदस्य बनाकर सिंधिया ने स्पष्ट संदेश दे दिया हैं की अब भ्रष्टाचार और टिकिट कालाबाज़ारी को वैधानिक करने का कार्य धोखाधड़ी में सिद्धहस्त सीए संजय सोडानी द्वारा किया जाएगा।पुराने सीए को अब एमपीसीए का काम नहीं दिया जाएगा। उल्लेखनीय हैं की सीए संजय सोडानी के खिलाफ एक महिला कारोबारी मीनाक्षी शर्मा ने सीए संजय सोडानी पर एक करोड़ से अधिक की धोखाधड़ी का आरोप अप्रेल 2018 में लगाया था।मीनाक्षी शर्मा ने लिखित शिकायत में कहा था कि सीए ने फैक्टरी के नाम पर लोन स्वीकृत करवाया और खुद के खाते में रुपए जमा करवा लिए। सन 2018 अप्रेल में तात्कालिक एसपी ने एएसपी स्तर के अफसर को जांच सौंपी थी। सुदामा नगर निवासी मीनाक्षी शर्मा ने पुलिस कंट्रोल रूम पहुंचकर सीए संजय सोडानी (आरएनटी मार्ग) पर एक करोड़ से अधिक की धोखाधड़ी का आरोप लगाया था। मीनाक्षी शर्मा के मुताबिक उनका मेसर्स मिनर्वा ऑटोमोटिव्ह प्रालि के नाम से कारोबार है, जिसका ऑडिट एवं कर व वित्त सलाह का कार्य सीए संजय सोडानी द्वारा किया जाता था। सीए से पोली बैग्स निर्माण इकाई के लिए लोन की चर्चा की और जरूरी दस्तावेज भी सौंप दिए थे।कुछ दिनों बाद सीए ने 1 करोड़ 70 लाख टर्म लोन, 60 लाख सीसी लिमिट इलाहाबाद बैंक (पलासिया) से स्वीकृत करवाया। बैंक द्वारा 65 लाख रुपए की पहली किस्त खुद की फर्म मेसर्स अखिलेश इंटरप्राइजेस के केनरा बैंक के खाते में ट्रांसफर कर दी थी।इसमें से सीए ने 5 लाख रुपए फीस के काट लिए और 60 लाख रुपए फैक्टरी कार्य, रिनोवेशन, लूम्स आदि लिए सौंप दिए थे। कुछ दिनों बाद 1 करोड़ 70 लाख में शेष 1 करोड़ 5 लाख भी अखिलेश इंटरप्राइजेस के खाते में आरटीजीएस के जरिए जमा कर दिए। बाद में पता चला की यह रुपए सीए संजय सोडानी ने खुद के पास ही रख लिए थे।रुपए मांगने व दबाव बनाने पर धमकी देना सीए ने शुरू कर दिया था।अमानत में खयानत करने पर सीए संजय सोडानी पर धोखाधड़ी करने का आरोप लगा था। सवाल यह हैं की क्या सांसद सिंधिया को इंदौर में करोड़ों रूपयों की धोखाधड़ी करने वाला सीए ही मिला एमपीसीए का सदस्य बनाने के लिए या फिर सोच समझकर धोखाधड़ी करने वालों की टीम एमपीसीए में बनायी जा रही हैं।इसका जवाब सिंधिया और खांडेकर को देना चाहिए।कब तक क्रिकेट के खिलाड़ीयों के साथ अन्याय करके क्रिकेट के बजट को लूटकर एमपी के क्रिकेट का बेडागर्क करेगें । सांसद सिंधिया को इंदौर में एमपीसीए का सदस्य बनाने के लिए एक भी ईमानदार व्यक्ति नहीं मिला या फिर सांसद सिंधिया अपनी जेबी संस्था एमपीसीए में काले कारनामों को करने के लिए धोखाधड़ी करने वालों को सदस्य बनाकर एमपीसीए के काले कारनामे पर पर्दा डालने का प्रयास कर रहें हैं।


