ब्रेकिंग
मुरैना में 'जहर' पर मेहरबानी: क्या मिलावटखोरों के 'कवच' बन गए हैं अधिकारी गुप्ता? मुरैना पुलिस की 'सेलेक्टिव होली': सच दिखाने वालों से दूरी, वाह-वाही करने वालों पर 'रंग' की बौछार! यूजीसी और आरक्षण को लेकर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की दो दिवसीय राष्ट्रीय बैठक इंदौर में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित मंडला पुलिस की त्वरित कार्रवाई डकैती के पांच आरोपी जबलपुर से गिरफ्तार, रकम एवं उपयोग की गई कार बरामद भिंड के गोहद चौराहा थाना क्षेत्र के बिरखडी गांव के पास तेज़ रफ़्तार ट्रक ने ट्रेक्टर ट्रॉली में मारी... असम में राजधानी एक्सप्रेस से टकराकर 7 हाथियों की मौतः एक घायल; ट्रेन के 5 डिब्बे-इंजन पटरी से उतरे भिंड में रेत माफियाओं पर कार्रवाई के समय रेत माफियाओं ने एसडीएम की गाड़ी को मारी टक्कर बाल-बाल बचे। अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर पोस्ट मेन ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला की समाप्त ग्वालियर पुलिस लाइन के क्वार्टर में प्रधान आरक्षक ने की आत्महत्या, मचा हड़कंप
व्यापार

दान देने में भी Gautam Adani अव्वल

एशिया की परमार्थ कार्य करने वाले नायकों की सूची में भारत के अरबपति उद्योगपति गौतम अडानी , शिव नादर और अशोक सूता के साथ-साथ मलेशियाई-भारतीय कारोबारी ब्रह्मल वासुदेवन और उनकी अधिवक्ता पत्नी शांति कंडिया को शामिल किया गया है।एशिया के परमार्थ नायकों की सूची का 16वां संस्करण मंगलवार को यहां जारी किया गया।फोर्ब्स ने बयान में कहा कि बिना किसी रैंकिंग वाली इस सूची में एशिया-प्रशांत क्षेत्र में अग्रणी परोपकारी कार्य करने वाले लोगों को शामिल किया जाता है।

अडानी ने इस साल जून में 60 साल की उम्र पूरी होने पर 60,000 करोड़ रुपये (7.7 अरब डॉलर) परमार्थ कार्यों पर खर्च करने की प्रतिबद्धता जताई है।इसके बाद उन्हें इस सूची में शामिल किया गया है।इसके साथ ही वह भारत के प्रमुख परोपकारी कार्य करने वाले व्यक्ति बन गए हैं।यह पैसा स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और कौशल विकास पर खर्च किया जाएगा।परमार्थ कार्यों पर यह राशि अडाणी फाउंडेशन के माध्यम से खर्च की जाएगी।अडाणी फाउंडेशन का गठन 1996 में किया गया था।हर साल यह फाउंडेशन भारत में 37 लाख लोगों की मदद करता है।

इन लोगों ने भी किया दान

प्रौद्योगिकी क्षेत्र के दिग्गज अशोक सूता ने चिकित्सा अनुसंधान क्षेत्र के न्यास को 600 करोड़ रुपये (7.5 करोड़ डॉलर) देने की प्रतिबद्धता जताई है।इस न्यास का गठन उन्होंने 2021 में किया था।क्वालालंपुर की निजी इक्विटी कंपनी क्रिएडर के संस्थापक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) मलेशियाई-भारतीय ब्रह्मल वासुदेवन और उनकी अधिवक्ता पत्नी शांति कंडिया क्रिएडर फाउंडेशन की मदद से मलेशिया और भारत में स्थानीय समुदायों को समर्थन देते हैं।यह एक गैर-लाभकारी संगठन है जिसकी सह-स्थापना 2018 में की गई थी।इस साल मई में उन्होंने एक शिक्षण अस्पताल के निर्माण के लिए पांच करोड़ मलेशियाई रिंगिट (1.1 करोड़ डॉलर) देने की प्रतिबद्धता जताई है।वासुदेवन ने कहा, हमें खुशी है कि और लोग भी हमारे साथ इस काम में आगे आ रहे हैं।अब इस परियोजना के लिए पूरा वित्तपोषण मिल गया है।

Related Articles

Back to top button