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उत्तरप्रदेश

महिला समिति पर भूमि हड़पने में ठगी का आरोप, सिटी मजिस्ट्रेट ने की जांच

बुलंदशहर: बुलंदशहर में महिलाओं की मदद के लिए बनाई गई महिला समिति की कार्यकारिणी को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। समिति के पूर्व सदस्यों की शिकायत के बाद सिटी मजिस्ट्रेट ने जांच की तो वर्तमान कार्यकारिणी अवैध पाई गई। जांच रिपोर्ट के मुताबिक, समिति के नाम पर पट्टे पर दी गई करीब एक हजार वर्ग गज जमीन को हड़पने के लिए यह फर्जीवाड़ा किया गया है।1954 मे महिला समिति का हुआ था गठनसाल 1954 में गरीब महिलाओं के उत्थान के लिए महिला समिति का गठन किया गया था। प्रावधान रखा गया था कि समूह की पदेन अध्यक्ष डीएम की पत्नी होंगी। बताया जा रहा है कि डीएम रविंद्र कुमार की पत्नी सरकारी सेवा में थीं। इस वजह से वह इस पद पर कार्य नहीं कर पाईं। समिति के पूर्व सदस्यों की शिकायत है कि नियम विरुद्ध समिति के संविधान में संशोधन कर उसे पुनर्गठित कर दिया गया।डीएम के निर्देश पर सिटी मजिस्ट्रेट मीनू राणा ने मामले की जांच की। उनकी जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि पदेन अध्यक्ष को हटाने के लिए नियम विरुद्ध और बिना कोरम पूरा किए बैठक की गई। फर्जी तरीके से पदेन अध्यक्ष के पद से डीएम की पत्नी को हटाया गया। यह फर्जीवाड़ा समिति के नाम आवंटित की गई जमीन को हड़पने के लिए किया गया है।सिटी मजिस्ट्रेट ने नहीं सुना पक्षसमिति की वर्तमान अध्यक्ष कल्पना गुप्ता का कहना है कि वर्ष 2017 में समिति को भंग कर दिया गया था। इसके बाद हाईकोर्ट के निर्देश पर तत्कालीन डीएम ने आरके अत्री को चुनाव अधिकारी बनाते हुए चुनाव कराया था। चुनाव के बाद समिति के सभी सदस्यों की बैठक में समिति के संविधान में संशोधन कर डीएम की पत्नी को पदेन अध्यक्ष के बजाय पदेन संरक्षक का पद दिया गया था। इसकी रिपोर्ट रजिस्ट्रार कार्यालय को भी भेजी गई थी। समिति के अधिवक्ता सुनील शर्मा ने बताया कि जांच के दौरान सिटी मजिस्ट्रेट ने उनका पक्ष नहीं सुना। सिटी मजिस्ट्रेट मीनू राणा का कहना है कि प्रकरण से संबंधित जो भी तथ्य सामने आए हैं, उनके आधार पर मामले में जांच करते हुए डीएम को रिपोर्ट भेज दी गई है।

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