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छत्तीसगढ़

45 की जगह 41वें दिन लगा दिया पेंटा का टीका, 13 घंटे बाद मासूम की माैत

सीतामढ़ी: नगर के जानकी स्थान के वार्ड 7 स्थित मो. मोनीबुल हक आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 18 पर शुक्रवार को 41 दिन के एक बच्चे की मौत से आक्रोशित परिजनों ने जमकर हंगामा किया। आंगनबाड़ी सेविका और सहायिका को बंधक बना लिया। परिजनों का आरोप था कि पेंटा का टीका लगने के 13 घंटे बाद ही मासूम की मौत हो गई। मृतक स्थानीय अनिल प्रसाद का 41 दिन का पुत्र अमित था। उसका जन्म 20 अक्टूबर को हुआ था।आंगनबाड़ी केंद्र पर ही उसे पेंटा का पहला टीका दिया गया था। आक्रोशित पीड़ित परिवार का आरोप था कि समय से पहले बच्चे को टीका दे दिया गया। लोगों के आक्रोश को देखते हुए और बंधक सेविका और सहायिका को छुड़ाने के लिए मौके पर नगर थाना की पुलिस पहुंची। जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग के उपाध्यक्ष डॉ. एके. झा मौके पर पहुंचे और जांच प्रारंभ कर दी।स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने लोगों के आक्रोश को शांत करने की कोशिश की। लोगों को बताया कि जीवन रक्षक टीका लेने से बच्चे की मौत नहीं हुई है। बच्चे की मौत की कोई दूसरी वजह होगी। हालांकि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने मृत बच्चे की पोस्टमार्टम कराए जाने और पूरे मामले की जांच किए जाने की बात कही है।टीका लगने के बाद से रात तक रोता रहा बच्चाअमित का जन्म 20 अक्टूबर को हुआ था। मृतक के चाचा सुनील कुमार ने बताया कि 1 दिसंबर को आंगनबाड़ी केंद्र पर पेंटा का टीका के लिए कैंप लगा हुआ था। जहां बच्चे की मां उसे लेकर पहुंची। ऐसे में लापरवाही बरतते हुए समय से चार दिन पूर्व एएनएम के द्वारा टीका लगा दिया गया। टीका लगने के बाद बच्चा दिन से रात तक रोता रहा। एएनएम ने दवा देने के साथ बर्फ से सेंकने के लिए कहा। लेकिन, रात्रि एक बजे के करीब उसकी मौत हो गई।देर रात हुई मौतसुनील ने बताया कि देर रात अमित के मुंह से ब्लड आने लगा। जिसके बाद सभी अस्पताल ले जाना चाहे। तब तक देर हो चुकी थी और करीब एक बजे रात को उसकी मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। जिसके बाद परिजनों द्वारा पुलिस को फोन किया गया, लेकिन पुलिस ने कोई रिस्पॉस नहीं लिया। जिसके बाद लोग बच्चे के शव को लेकर आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचे।कॉरिक निमोनिया का मामला”मामला कॉरिक निमोनिया का प्रतीत होता है। इसके दो कारण होते हैं। पहला- सामान्य स्थिति में मां के द्वारा बच्चे को सोये अवस्था में दूध पिलाने पर दूध सरक कर सिर पर आ जाता है। दूसरा- टीका के बाद बुखार आता है। इस दौरान दूध पिलाने पर बच्चे के सिर पर दूध पहुंच गया होगा, जिससे मौत हुई होगी।”- डॉ. मंजय कुमार, शिशु रोग विशेषज्ञमामले की हो रही है जांच”बच्चे की मौत टीका से नहीं हुई होगी। उस दिन 20 बच्चों को टीका दिया गया था। अन्य किसी को कोई परेशानी नहीं हुई है। समय से पहले टीका देने की जांच हो रही है।”- डॉ. एके झा, उपाधीक्षक, सदर अस्पताल, सीतामढ़ी

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