ब्रेकिंग
मुरैना में 'जहर' पर मेहरबानी: क्या मिलावटखोरों के 'कवच' बन गए हैं अधिकारी गुप्ता? मुरैना पुलिस की 'सेलेक्टिव होली': सच दिखाने वालों से दूरी, वाह-वाही करने वालों पर 'रंग' की बौछार! यूजीसी और आरक्षण को लेकर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की दो दिवसीय राष्ट्रीय बैठक इंदौर में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित मंडला पुलिस की त्वरित कार्रवाई डकैती के पांच आरोपी जबलपुर से गिरफ्तार, रकम एवं उपयोग की गई कार बरामद भिंड के गोहद चौराहा थाना क्षेत्र के बिरखडी गांव के पास तेज़ रफ़्तार ट्रक ने ट्रेक्टर ट्रॉली में मारी... असम में राजधानी एक्सप्रेस से टकराकर 7 हाथियों की मौतः एक घायल; ट्रेन के 5 डिब्बे-इंजन पटरी से उतरे भिंड में रेत माफियाओं पर कार्रवाई के समय रेत माफियाओं ने एसडीएम की गाड़ी को मारी टक्कर बाल-बाल बचे। अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर पोस्ट मेन ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला की समाप्त ग्वालियर पुलिस लाइन के क्वार्टर में प्रधान आरक्षक ने की आत्महत्या, मचा हड़कंप
पंजाब

रिफ्लेक्टर जैकेट, एल्कोमीटर होने के बाद भी रात में ट्रैफिक पुलिस सड़कों से हो जाती है गायब

लुधियाना: ट्रैफिक पुलिस के पास 140 कर्मी हैं तैनातरात होते ही महानगर की सड़कों पर से ट्रैफिक पुलिस गायब हो जाती है। शहर में ना ही कहीं पर कोई नाका लगता है और ना ही जाम लगने पर कोई भी कर्मी वहां पर मौजूद रहता है। ऐसा नहीं है कि ट्रैफिक पुलिस के पास रात के समय नाकाबंदी करने के लिए पुख्ता इंतजाम नहीं है। ट्रैफिक पुलिस के पास रात में ड्यूटी करने के लिए 260 के करीब रिफ्लेक्टर जैकेट, ब्लिंक करने वाली चार्जेबल स्टिक्स व ड्रंक एंड ड्राइव के नाके लगाने के लिए 110 के करीब एल्कोमीटर हैं।इसके बावजूद ट्रैफिक पुलिस के किसी भी अधिकारी द्वारा रात में नाकाबंदी करवाने की कोई व्यवस्था नहीं की जाती। आलम ये रहता है कि रात के 8 बजे के बाद अगर किसी इलाका में जाम लग जाता है तो लोगों को खुद ही कशमकश करनी पड़ती है या फिर कभी कभार पीसीआर दस्ते द्वारा उक्त जाम को खुलवाने को जद्दोजहद करनी पड़ती है। इस समस्या शहर के कई इलाके प्रभावित हैं, लेकिन ट्रैफिक पुलिस की ओर से कोई पुख्ता कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।

Related Articles

Back to top button