ब्रेकिंग
मुरैना में 'जहर' पर मेहरबानी: क्या मिलावटखोरों के 'कवच' बन गए हैं अधिकारी गुप्ता? मुरैना पुलिस की 'सेलेक्टिव होली': सच दिखाने वालों से दूरी, वाह-वाही करने वालों पर 'रंग' की बौछार! यूजीसी और आरक्षण को लेकर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की दो दिवसीय राष्ट्रीय बैठक इंदौर में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित मंडला पुलिस की त्वरित कार्रवाई डकैती के पांच आरोपी जबलपुर से गिरफ्तार, रकम एवं उपयोग की गई कार बरामद भिंड के गोहद चौराहा थाना क्षेत्र के बिरखडी गांव के पास तेज़ रफ़्तार ट्रक ने ट्रेक्टर ट्रॉली में मारी... असम में राजधानी एक्सप्रेस से टकराकर 7 हाथियों की मौतः एक घायल; ट्रेन के 5 डिब्बे-इंजन पटरी से उतरे भिंड में रेत माफियाओं पर कार्रवाई के समय रेत माफियाओं ने एसडीएम की गाड़ी को मारी टक्कर बाल-बाल बचे। अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर पोस्ट मेन ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला की समाप्त ग्वालियर पुलिस लाइन के क्वार्टर में प्रधान आरक्षक ने की आत्महत्या, मचा हड़कंप
विदेश

जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए चक्रीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना जरूरी: कांत

नई दिल्ली। जी20 में भारत के शेरपा अमिताभ कांत ने कहा कि जलवायु परिवर्तन से संबंधित मुद्दों से निपटने के लिए चक्रीय अर्थव्यवस्था (सर्कुलर इकनॉमी) को बढ़ावा देने की आवश्यकता है। चक्रीय अर्थव्यवस्था में एक टिकाऊ व्यवस्था की अवधारणा पर काम किया जाता है जहां इस्तेमाल की गई वस्तुओं का पुनर्चक्रण किया जाता है जिससे नए संसाधनों का इस्तेमाल कम से कम हो।
कांत ने कहा कि विभिन्न मंत्रालय और राज्य सरकारें चक्रीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए पहल कर रही हैं। उन्होंने कहा कि सीओपी-27 में भारत ने अपनी दीर्घकालिक निम्न कार्बन उत्सर्जन रणनीति का उल्लेख किया है। उन्होंने कहा कि एक दिसंबर से भारत द्वारा जी20 की अध्यक्षता करने के साथ ही चक्रिय अर्थव्यवस्था को अपनाने का एक अवसर मिला है। कांत ने कहा कि चक्रीय अर्थव्यवस्था के लिए कारोबारी माहौल बनाने की जरूरत है और ‘‘हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि इसके लिए बनाए गए नियम बोझिल न हों।

Related Articles

Back to top button