ब्रेकिंग
मुरैना में 'जहर' पर मेहरबानी: क्या मिलावटखोरों के 'कवच' बन गए हैं अधिकारी गुप्ता? मुरैना पुलिस की 'सेलेक्टिव होली': सच दिखाने वालों से दूरी, वाह-वाही करने वालों पर 'रंग' की बौछार! यूजीसी और आरक्षण को लेकर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की दो दिवसीय राष्ट्रीय बैठक इंदौर में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित मंडला पुलिस की त्वरित कार्रवाई डकैती के पांच आरोपी जबलपुर से गिरफ्तार, रकम एवं उपयोग की गई कार बरामद भिंड के गोहद चौराहा थाना क्षेत्र के बिरखडी गांव के पास तेज़ रफ़्तार ट्रक ने ट्रेक्टर ट्रॉली में मारी... असम में राजधानी एक्सप्रेस से टकराकर 7 हाथियों की मौतः एक घायल; ट्रेन के 5 डिब्बे-इंजन पटरी से उतरे भिंड में रेत माफियाओं पर कार्रवाई के समय रेत माफियाओं ने एसडीएम की गाड़ी को मारी टक्कर बाल-बाल बचे। अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर पोस्ट मेन ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला की समाप्त ग्वालियर पुलिस लाइन के क्वार्टर में प्रधान आरक्षक ने की आत्महत्या, मचा हड़कंप
हरियाणा

खेत में काम करने गई थी निशा, घर आते ही अचानक तबीयत बिगड़ी

करनाल: हरियाणा के जिले करनाल के कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान एक युवती की मौत हो गई। पुलिस ने रविवार दोपहर को शव का पोस्टमार्टम करा शव परिजनों को सौंप दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। जानकारी के अनुसार गांव बखाली की रहने वाली निशा अपने परिवार के साथ खेत में काम करती थी।शनिवार को भी वह अपने परिवार के साथ खेत में काम करने के लिए गई थी। जिस खेत में निशा काम रही थी उस खेत में किसान ने कीटनाशक का स्प्रे किया हुआ था। शनिवार को जब खेत से काम करके वापस घर आई तो निशा को उल्टी लगनी शुरू हो गई। जिससे उसकी हालत और बिगड़ने लगी।पोस्टमार्टम में बैठे मृतक निशा के परिजन।पहले लेकर गए लाड़वा के अस्पताल मेंजानकारी देते हुए मृतक निशा के पिता सोमनाथ ने बताया कि वह शनिवार दोपहर को खेत से लौटने पर जब निशा की तबीयत खराब हुई तो उसे लाड़वा के एक निजी अस्पताल में लेकर गए। जहां पर डॉक्टरों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए करनाल के कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज में रेफर कर दिया। मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान निशा की रविवार देर रात को मौत हो गई।सबसे बड़ी बहन थी निशाजानकारी देते हुए मृतक युवती के पिता सोमनाथ ने बताया कि उसके पास 4 बच्चे है। वह गरीब परिवार से संबंध रखता है। खेतों में काम करके वह अपने परिवार का गुजर-बसर कर रहे थे। निशा उसकी सबसे बड़ी बेटी थी। निशा की अभी शादी भी नहीं हुई थी। निशा के लिए शादी के लिए वह अच्छे लड़के की तलाश कर रहे थे। लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था। निशा के जाने के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट गया।

Related Articles

Back to top button