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पंजाब

परिजनों का आरोप- लाखों रुपए ठगे, फिर भी जान नहीं बचा पाए

जालंधर: डॉक्टर जसवीर मान के साथ उनके आफिस में हस करते परिजनपंजाब में जालंधर शहर के एक फेमस निजी अस्पताल में मरीज की मौत हो जाने के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया। परिजनों का आरोप है कि एक महिला की कंधे की हड्डी टूटी थी, लेकिन डॉक्टरों ने उसे पैसे ठगने के लिए इतना ज्यादा कॉम्प्लिकेटेड बना दिया कि मरीज की जान ही ले ली। अब डेड बॉडी देने से पहले भी पैसे मांग रहे हैं।हालांकि मान मेडिसिटी अस्पताल के मालिक डॉक्टर जसवीर सिंह मान ने कहा कि काला संघिया निवासी एक महिला शंकुतला देवी की कंधे की हड्डी चार पीस में टूट गई थी। बीस दिन पहले जब महिला के परिजन लेकर आए को महिला के टेस्ट करने के बाद बताया गया था कि अभी वह ऑपरेशन के लिए फिट नहीं हैं।इसके बाद दोबारा जब सिटी स्कैन इत्यादि करके देखा गया तो पता चला कि महिला के कंधे की हड्डी (कॉलर बोन) टूटने से हार्ट से बाजू को जाती नस कट गई थी। खून का रिसाव रुक नहीं रहा था। इसके लिए विशेष तौर पर चंडीगढ़ से विशेषज्ञों को बुलाकर स्टंट डाला गया, लेकिन ब्लड इतना बह गया था कि महिला की मौत हो गई।अस्पताल पर आरोप लगाते परिजनवहीं मृतक महिला के बेटे शशि ने का कहना है कि जब वह पहली बार आए थे तो उनसे 85 से 90 हजार रुपए लिए गए, लेकिन इलाज इसलिए नहीं किया गया कि उनकी माता को टेस्ट में पीलिया निकला। उन्होंने कहा कि पीलिया अस्पताल में ठीक नहीं हुआ। वह जब अपनी माता को घर ले गए तो पीलिया भी वहीं ठीक हुआ।ऑपरेशन के दौरान नस कटीशशि ने कहा कि वह दोबारा फिर जब अपनी माता को लेकर निजी अस्पताल में पहुंचे तो उन्हें कॉलर बोन के ऑपरेशन के लिए 40 हजार में पैकेज दिया गया। जिसमें दवाइयां अलग से थीं। शशि का आरोप है कि जब उनकी माता का डॉक्टर ने ऑपरेशन शुरू किया तो इनसे गलती से हार्ट से बाजू को जाती नस कट गई।मृतक महिला के बेटे ने कहा कि डॉक्टर ने उन्हें कहा कि नस को जोड़ने के लिए डॉक्टर को चंडीगढ़ से बुलाना पड़ेगा। इसके लिए उन्हें 3 लाख रूपए और जमा करवाने पड़ेंगे। युवक ने कहा कि बाद में बार्गेनिंग कर मामला ढाई लाख में निपट गया। ढाई लाख रुपए डॉक्टर मान ने अपने अस्पताल के खाते में नहीं बल्कि अपने निजी खाते में डलवाए।आईसीयू में ही मरीज की मौतमृतका के परिजनों का कहना है कि उन्होंने ढाई लाख सिर्फ इलाज के लिए दिए इसके अलावा दवाइयों और स्टंट के पैसे अलग दिए। परिजनों ने कहा कि जब मरीज को आईसीयू में भर्ती कर दिया गया तो उन्हें मिलने तक नहीं दिया। आईसीयू में ही मरीज की मौत हो गई। अब अस्पताल प्रबंधन ढाई लाख रुपए और मांग रहा है।उनका कहना है कि डॉक्टर मान ढाई लाख यह तर्क देकर मांग रहे हैं उन्हें सर्जरी के लिए तीन डॉक्टरों का बुलाना पड़ा था। जबकि इतने डॉक्टर बुलाने के बाद भी वह मरीज को बचा नहीं सके। अब वह उनकी माता की डेड बॉडी नहीं दे रहे हैं बोल रहे हैं कि पैसे जमा करवाओ और डेड बॉडी ले जाओ।अस्पताल में हंगामे को देखकर सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई है। पुलिस दोनों पक्षों के बयान दर्ज करने में जुटी हुई है। मौके पर आए पुलिस अधिकारियों ने कहा कि वह मामले की जांच करेंगे और यदि कुछ गलत पाया गया तो कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

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