ब्रेकिंग
मुरैना में 'जहर' पर मेहरबानी: क्या मिलावटखोरों के 'कवच' बन गए हैं अधिकारी गुप्ता? मुरैना पुलिस की 'सेलेक्टिव होली': सच दिखाने वालों से दूरी, वाह-वाही करने वालों पर 'रंग' की बौछार! यूजीसी और आरक्षण को लेकर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की दो दिवसीय राष्ट्रीय बैठक इंदौर में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित मंडला पुलिस की त्वरित कार्रवाई डकैती के पांच आरोपी जबलपुर से गिरफ्तार, रकम एवं उपयोग की गई कार बरामद भिंड के गोहद चौराहा थाना क्षेत्र के बिरखडी गांव के पास तेज़ रफ़्तार ट्रक ने ट्रेक्टर ट्रॉली में मारी... असम में राजधानी एक्सप्रेस से टकराकर 7 हाथियों की मौतः एक घायल; ट्रेन के 5 डिब्बे-इंजन पटरी से उतरे भिंड में रेत माफियाओं पर कार्रवाई के समय रेत माफियाओं ने एसडीएम की गाड़ी को मारी टक्कर बाल-बाल बचे। अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर पोस्ट मेन ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला की समाप्त ग्वालियर पुलिस लाइन के क्वार्टर में प्रधान आरक्षक ने की आत्महत्या, मचा हड़कंप
उत्तरप्रदेश

कोर्ट ने सोनू सिंह समेत 4 को किया बरी, 9 साल पहले दर्ज हुआ था मामला

सुलतानपुर: सुल्तानपुर की MP-MLA कोर्ट से पूर्व विधायक चंद्रभद्र सिंह उर्फ सोनू सिंह को बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने सोनू सिंह और उनके तीन साथियों को 9 वर्ष पूर्व दर्ज मुकदमे में बरी कर दिया है। यह मामला कूरेभार थाने में साल 2013 में दर्ज कराया गया था।पूर्व विधायक के अधिवक्ता रूद्र प्रताप सिंह मदन ने बताया कि कूरेभार थाने में पूर्व विधायक समेत चार लोगों के खिलाफ वर्ष 2013 में आलोक कुमार सिंह ने मारपीट व अपमानित करने मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें पूर्व विधायक सोनू सिंह के साथ मुकदमे में मायंग के पप्पू सिंह और अंशू सिंह तथा फत्तेपुर निवासी पृथ्वीराज सिंह आरोपी थे।विरोधाभासी बयान का मिला लाभजिसमें बताया गया था कि एक कार्यक्रम से लौटते समय पूर्व विधायक व समर्थकों ने आलोक कुमार की गाड़ी रोक ली और उन पर राइफल तान दी। गाड़ी से खींचकर मारपीट कर घायल कर दिया। कोर्ट में गवाहों ने घटना का समर्थन नहीं किया और विरोधाभासी बयानों के चलते मजिस्ट्रेट योगेश यादव ने सभी को बरी कर दिया।

Related Articles

Back to top button