दो बेटियों को लेकर 3 महीने से पुलिस अफसरों के दफ्तरों के चक्कर काट रही पीड़िता

महोबा: महोबा में एक महिला ने दूसरी बेटी को जन्म दिया तो उसे ससुरालियों ने मार पीटकर घर से निकाल दिया। पीड़िता पिछले तीन माह से अपने मायके में रह रही है। अपने भाई के साथ अधिकारियों की चौखट पर जाकर न्याय की गुहार लगाने को मजबूर है। महिला को एक बेटी पहले से है, अब दूसरी बेटी पैदा होने के बाद दाेनों को लेकर वह न्याय के लिये भटक रही है।यह मामला खन्ना थाना क्षेत्र के ग्योड़ी गांव का है। जहां रहने वाली शिवानी गुप्ता का विवाह वर्ष 2018 में हमीरपुर जनपद के भरुआ सुमेरपुर में रहने वाले विमलेश गुप्ता के साथ हुआ था।कार की मांग कर प्रताड़ना का आरोपविवाहिता बताती है, ” शादी में उसके पिता ने नगद, सोने चांदी के आभूषण और गृहस्थी का सामान दिया था। मगर दहेज के लोभी पति और ससुराल वाले कार की मांग कर उसे प्रताड़ित करने लगे और अक्सर उसके साथ मारपीट होने लगी। शादी के चार माह बाद मेरे पिता बाबूलाल की मौत हो गई।”ये फोटो विमलेश और शिवानी गुप्ता की शादी की है।2019 में पैदा हुई पहली बेटी2019 में उसने एक पुत्री कोमल को जन्म दिया। उसके बाद भी ससुराल के लोग उसे प्रताड़ित करते रहे। जब वर्ष 2021 में विवाहिता ने एक और पुत्री तान्या को जन्म दिया तो पति आक्रोशित हो गया। आरोप है कि दोबारा बेटी पैदा होने पर उसे बेरहमी से पीटा गया। उसे घर से निकाल दिया और पिछले 3 माह से पीड़िता अपने भाई कल्याण के यहां रह कर गुजर-बसर कर रही है।महोबा एसपी से कार्रवाई की मांगपीड़िता और उसके भाई ने बताया कि पति के जुल्मों की शिकायतें उसने हमीरपुर जनपद में पुलिस से की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। बेटे की चाह में विवाहिता को न केवल प्रताड़ित किया गया बल्कि जान से मारने तक की धमकियां दी गईं। ऐसे में पीड़िता अपनी मासूम बच्ची के साथ महोबा पुलिस अधीक्षक की चौखट पर न्याय की गुहार लगाने पहुंची और शिकायत की।अपने भाई के साथ महोबा एसपी कार्यालय पहुंची पीड़िता।




