ब्रेकिंग
मुरैना में 'जहर' पर मेहरबानी: क्या मिलावटखोरों के 'कवच' बन गए हैं अधिकारी गुप्ता? मुरैना पुलिस की 'सेलेक्टिव होली': सच दिखाने वालों से दूरी, वाह-वाही करने वालों पर 'रंग' की बौछार! यूजीसी और आरक्षण को लेकर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की दो दिवसीय राष्ट्रीय बैठक इंदौर में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित मंडला पुलिस की त्वरित कार्रवाई डकैती के पांच आरोपी जबलपुर से गिरफ्तार, रकम एवं उपयोग की गई कार बरामद भिंड के गोहद चौराहा थाना क्षेत्र के बिरखडी गांव के पास तेज़ रफ़्तार ट्रक ने ट्रेक्टर ट्रॉली में मारी... असम में राजधानी एक्सप्रेस से टकराकर 7 हाथियों की मौतः एक घायल; ट्रेन के 5 डिब्बे-इंजन पटरी से उतरे भिंड में रेत माफियाओं पर कार्रवाई के समय रेत माफियाओं ने एसडीएम की गाड़ी को मारी टक्कर बाल-बाल बचे। अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर पोस्ट मेन ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला की समाप्त ग्वालियर पुलिस लाइन के क्वार्टर में प्रधान आरक्षक ने की आत्महत्या, मचा हड़कंप
मुख्य समाचार

गौ माता भारतीय संस्कृति का आधार एवं समाज का मेरुदंड है गो माता की रक्षा, संस्कृति की रक्षा है – साध्वी श्रेया भारती

गुरुदेव श्री आशुतोष महाराज जी के दिव्य मार्गदर्शन में दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा 7 से 13 नवंबर तक रामलीला ग्राउन्ड, कंझावला रोड, सेक्टर-21, रोहिणी, दिल्ली में भव्य श्री राम कथा का आयोजन किया जा रहा है। कथा के चतुर्थ दिवस श्री आशुतोष महाराज जी की शिष्या एवं मानस मर्मज्ञा साध्वी श्रेया भारती जी ने सीता स्वयंवर प्रसंग में बताया कि किस प्रकार प्रभु श्री राम जी अपनी दिव्य लीलाओं को करते हुए गुरूकुल से अपनी शिक्षा का अध्ययन करते हुए अयोध्या में पुन: लौटते हैं। तत्पश्चात् विश्वामित्र जी राजा दशरथ के पास प्रभु श्री राम व लक्ष्मण को मांगते हैं और श्री राम अपने कार्य की पृष्ठ भूमि तैयार करते हुए मार्ग में ताड़का का वध करते हैं व आगे बढ़ते हुए गौतम ऋषि की पत्नी अहल्या का उद्धार करते हैं एवं यज्ञ की रक्षा के उपरान्त गुरु विश्वामित्र जी के साथ जनकपुरी में प्रवेश करते हैं। और भगवान शिव के धनुष को भंग कर जानकी जी से विवाह करते है। विवाह उत्सव में माताएं गोदान करती है। साध्वी जी ने कहा कि गाय हमारी संस्कृति का आधार और समाज का मेरुदंड है जिसे सुरक्षित रखने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा गाय की रक्षा ही भारत की रक्षा है गाय की रक्षा ही संस्कृति की रक्षा है इसलिये उठो अपनी संस्कृति और संस्कारों को जान समझ अपनी गाय माता को सुरक्षित करो जो हमारी कृषि तंत्र का आधार है जो पर्यावरण की दात्री है जो समाज का आधार हो उसे संरक्षित करो उठो भारत वासियों चलो संस्कृति की ओर बढो गाय की ओर

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button