ब्रेकिंग
मुरैना में 'जहर' पर मेहरबानी: क्या मिलावटखोरों के 'कवच' बन गए हैं अधिकारी गुप्ता? मुरैना पुलिस की 'सेलेक्टिव होली': सच दिखाने वालों से दूरी, वाह-वाही करने वालों पर 'रंग' की बौछार! यूजीसी और आरक्षण को लेकर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की दो दिवसीय राष्ट्रीय बैठक इंदौर में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित मंडला पुलिस की त्वरित कार्रवाई डकैती के पांच आरोपी जबलपुर से गिरफ्तार, रकम एवं उपयोग की गई कार बरामद भिंड के गोहद चौराहा थाना क्षेत्र के बिरखडी गांव के पास तेज़ रफ़्तार ट्रक ने ट्रेक्टर ट्रॉली में मारी... असम में राजधानी एक्सप्रेस से टकराकर 7 हाथियों की मौतः एक घायल; ट्रेन के 5 डिब्बे-इंजन पटरी से उतरे भिंड में रेत माफियाओं पर कार्रवाई के समय रेत माफियाओं ने एसडीएम की गाड़ी को मारी टक्कर बाल-बाल बचे। अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर पोस्ट मेन ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला की समाप्त ग्वालियर पुलिस लाइन के क्वार्टर में प्रधान आरक्षक ने की आत्महत्या, मचा हड़कंप
छत्तीसगढ़

मनोज मंडावी के निधन से खाली हुई भानुप्रतापपुर सीट पर 5 दिसंबर को वोटिंग, 10 नवंबर से ही नामांकन

रायपुर: छत्तीसगढ़ में विधानसभा उप चुनाव का बिगुल बज गया है। यह चुनाव कांकेर जिले की भानुप्रतापपुर विधानसभा सीट के लिए हाेना है। यह सीट पिछले महीने कांग्रेस विधायक मनोज सिंह मंडावी के निधन से खाली हुई है। भारत निर्वाचन आयोग ने शनिवार को इस चुनाव का कार्यक्रम जारी कर दिया। यह चुनाव गुजरात चुनाव के साथ ही कराया जाएगा। इसका परिणाम भी गुजरात-हिमाचल के परिणामों के साथ आएगा।निर्वाचन आयोग ने पांच राज्यों में एक संसदीय सीट और पांच विधानसभा सीटों पर उप चुनाव का कार्यक्रम जारी किया है। इसमें उत्तर प्रदेश की मैनपुरी संसदीय सीट है। इसके अलावा ओडिशा की पद्मपुर, राजस्थान की सरदार शहर, बिहार की कुरहनी, छत्तीसगढ़ की भानुप्रतापपुर और उत्तर प्रदेश की रामपुर विधानसभा सीट पर उप चुनाव होने हैं।इन चुनावों की अधिसूचना 10 नवम्बर को जारी कर दी जाएगी। इसी के साथ नामांकन शुरू होगा। पांच दिसम्बर को मतदान और 8 दिसम्बर को मतगणना की तारीख तय की गई है। चुनाव कार्यक्रम जारी होते ही आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है।ऐसा रहेगा चुनाव का पूरा शेड्यूल1.नामांकन-10 नवम्बर से 17 नवम्बर2.नामांकन की जांच -18 नवम्बर3.नाम वापसी का मौका -21 नवम्बर तक4.मतदान-5 दिसम्बर5.मतगणना- 8 दिसम्बर6.चुनाव खत्म-10 दिसम्बरआयोग ने दो दिन पहले ही औपचारिकता पूरी कीछत्तीसगढ़ में अगले साल नवम्बर में विधानसभा के आम चुनाव हैं। ऐसे में तय माना जा रहा है कि भानुप्रतापपुर की रिक्त सीट पर चुनाव दिसम्बर-जनवरी तक करा लिया जाएगा। इससे पहले निर्वाचन आयोग को कुछ औपचारिकताएं पूरी करनी थी। दो नवम्बर को निर्वाचन आयोग ने भानुप्रतापपुर विधानसभा सीट के लिए निर्वाचन अधिकारी और सहायक निर्वाचन अधिकारियों के तौर पर अधिसूचित अधिकारियों में बदलाव कर नई अधिसूचना जारी की। इसके मुताबिक कांकेर के जिला पंचायत सीईओ भानुप्रतापपुर के निर्वाचन अधिकारी होंगे। वहीं कांकेर के डिप्टी कलेक्टर और भानुप्रतापपुर के तहसीलदार को सहायक निर्वाचन अधिकारी नामित कर दिया गया है।इस सीट पर बजेपी-कांग्रेस के बीच ही मुख्य मुकाबला होगा।ऐसा रहा है भानुप्रतापपुर का चुनावी मिजाजसंयुक्त मध्य प्रदेश के समय 1962 में पहली बार भानुप्रतापपुर का विधानसभा क्षेत्र घोषित किया गया। पहले चुनाव में निर्दलीय रामप्रसाद पोटाई ने कांग्रेस के पाटला ठाकुर को हराया। 1967 के दूसरे चुनाव में प्रजा सोसलिस्ट पार्टी के जे हथोई जीते। 1972 में कांग्रेस के सत्यनारायण सिंह जीते। 1979 में जनता पार्टी के प्यारेलाल सुखलाल सिंह जीत गए। 1980 और 1985 के चुनाव में कांग्रेस के गंगा पोटाई की जीत हुई। 1990 के चुनाव में निर्दलीय झाड़ूराम ने पोटाई को हरा दिया। 1993 में भाजपा के देवलाल दुग्गा यहां से जीत गए। 1998 में कांग्रेस के मनोज मंडावी जीते। अजीत जोगी सरकार में मंत्री रहे। 2003 में भाजपा के देवलाल दुग्गा फिर जीत गए। 2008 में भाजपा के ही ब्रम्हानंद नेताम यहां से विधायक बने। 2013 में कांग्रेस के मनोज मंडावी ने वापसी की। 2018 के चुनाव में भी उन्होंने जीत दर्ज की।16 अक्टूबर को मंडावी का निधन हुआ थाभानुप्रतापपुर से कांग्रेस विधायक और आदिवासी समाज के प्रभावशाली नेताओं में से एक मनोज सिंह मंडावी का 16 अक्टूबर को निधन हो गया। उन्हें दिल का दौरा पड़ा था। अस्पताल पहुंचने तक उनका निधन हो चुका था। उनकी अन्त्येष्टि में शामिल होने के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सहित प्रदेश कांग्रेस का पूरा नेतृत्व उनके पैतृक गांव नथिया नवागांव पहुंचा था। प्रदेश में राजकीय शोक घोषित हुआ। उनके निधन के बाद विधानसभा में उनकी सीट को रिक्त घोषित कर कर निर्वाचन आयोग को सूचना भेजी गई थी।

Related Articles

Back to top button