7 फैक्ट्रियों से वसूला जाएगा जुर्माना, आज भी खतरनाक स्तर पर है प्रदूषण

कानपुर: कानपुर में सुबह प्रदूषण की वजह से छाई धुंध।दिल्ली एनसीआर के बाद कानपुर में प्रदूषण का स्तर सबसे खतरनाक स्तर पर है। शनिवार सुबह भी प्रदूषण का स्तर 300 के पार है। नेहरू के मॉनिटरिंग सेंटर में एयर क्वालिटी इंडेक्स यानि AQI 319 तक पहुंच गया है। वहीं कानपुर में प्रदूषण फैला रही 9 फैक्ट्रियों पर कार्रवाई की गई है।2 को बंद करने की संस्तुति, 7 पर जुर्मानायूपी पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी अमित मिश्रा के मुताबिक जांच में 9 फैक्ट्रियां एयर और वाटर पॉल्यूशन फैलाती मिली। इस पर बोर्ड को पनकी स्थित बी केमिकल्स और दादा नगर स्थित श्री एल्युमिनियम को बंद करने की संस्तुति की गई है। वहीं अन्य फैक्ट्रियों से जुर्माना वसूला जाएगा।दादा नगर और पनकी स्थित फैक्ट्रियों को बंद करने की गई है संस्तुति।रेड जोन में कानपुरनवंबर में कानपुर दो दिन रेड जोन में नवंबर में लगातार कानपुर की हवा की सेहत खराब होती जा रही है। पहली नवंबर को एक्यूआई 280, दो को 208, तीन को 311 और चार नवंबर को 358 के स्तर पर पहुंच गया। यह अब तक दो दिन डार्क यलो और दो दिन रेड जोन में रहा। वहीं, पहली बार शनिवार को शहर के नेहरू नगर सेंटर पर एक्यूआई 319 तक पहुंच गया जो बेहद खतरनाक माना जाता है।लगातार 6 दिनों से हवा दम घोंटूलगातार छह दिनों से शहर का एक्यूआई 300 के पार चल रहा है, जो सेहत के लिए काफी खतरनाक है। प्रदूषण का स्तर 358 एक्यूआई (एयर क्वालिटी इंडेक्स) रहा। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में आने वाले शहरों को छोड़ दें, तो शुक्रवार को कानपुर यूपी का सबसे प्रदूषित शहर बन गया।बेहद खराब हो रहे हैं हालातपिछले 24 घंटे के प्रदूषण का औसत देखें तो एक्यूआई 358 दर्ज किया गया है, लेकिन कुछ समय के लिए यह 500 तक भी पहुंचा था। CPCB के अनुसार शुक्रवार को नेहरू नगर में AQI 452 दर्ज किया गया जो कि बेहद गंभीर श्रेणी में आता है। इस स्तर के एक्यूआई के ज्यादा समय तक बने रहने पर सांस लेने में परेशानी झेल रहे लोगों के अलावा स्वस्थ लोगों पर भी असर डालता है। वहीं, कल्याणपुर में 352 जबकि किदवईनगर में एक्यूआई 298 रहा।मोतीझील में प्रदूषण का स्तर बढ़ने के बाद भी भट्ठियां सुलगाई जा रही हैं।दोपहर 12 बजे प्रदूषण का हालमॉनिटरिंग सेंटर- AQIनेहरू नगर- 319NSI कल्याणपुर- 185FTI किदवई नगर- 172( ये डाटा पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड सेंटर से मिले हैं। )धीमी हवा से बढ़ा प्रदूषणहल्की सर्दी बढ़ने और हवा की गति में तेजी न आने से प्रदूषण बढ़ा है, हल्की धुंध भी गहरा रही है। कानपुर में रात में पारा 15 डिग्री रह रहा है। हवा भी नहीं चल रही है। ऐसे में धुंध है। हवा प्रदूषित करने वाले कण भी नीचे ही रह रहे हैं, यही कारण है कि प्रदूषण बढ़ रहा है।फेफड़ों में बढ़ा रहे एलर्जीसांस लेने पर यह प्रदूषण कारक तत्व श्वांस नलिकाओं के जरिये फेफड़ों में जाकर एलर्जी करते हैं। जो सांस रोगियों, अस्थमा पीड़ित बच्चे, युवा व बुजुर्गों के लिए मुसीबत बन गया है। मुरारी लाल चेस्ट अस्पताल की ओपीडी व इमरजेंसी में ऐसे मरीज आने लगे हैं। शनिवार सुबह तक 15 मरीज भर्ती हुए, जिन्हें यह समस्या थी। ओपीडी में 287 मरीज में सांस फूलने व एलर्जी के रहे।प्रदूषण से बचने के लिए मुंह और नाक को ढककर चलने की सलाह दी गई है।सुबह-शाम रखें खास ख्यालGSVM मेडिकल कॉलेज के रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डा. अवधेश कुमार ने बताया कि दीपावली के बाद वातावरण में धूल-धुआं के साथ नाइट्रोजन डाइ आक्साइड और सल्फर डाइआक्साइड का स्तर बढ़ा है। सुबह-शाम प्रदूषण कारक तत्वों की परत नीचे रहती है। सांस लेने पर प्रदूषण मिश्रित रसायन सांस रोगियों, अस्थमा और टीबी पीड़ितों की नलिकाओं में जाकर एलर्जी करते हैं, जिससे नलिकाओं में सूजन आने से अस्थमा का अटैक व दम फूलता है।ये बरतें सावधानी-सुबह-शाम धुंध पड़ने पर टहलने जाएं तो मास्क जरूर लगाएं।-प्रयास करें कि सुबह धूप निकलले के बाद ही टहलने जाएं।-अस्थमा व सांस की बीमारियों के मरीज गर्म कपड़े पहनना शुरू करें।-भीड़भाड़ की जगह यानी शापिंग माल, रेलवे स्टेशन व बस पड़ाव पर कम जाएं।-डाक्टर को दिखाकर इन्हेलर सहित अन्य दवाओं की डोज निर्धारित कराएं।-दिक्कत होने पर गर्म पानी का सेवन करें और साथ में भाप भी लेते रहें।




