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पंजाब

साथियों संग माइनिंग साइट पर पहुंचे थे अकाली दल प्रधान; कोविड नियमों की अनदेखी का केस

अमृतसर: पंजाब के अमृतसर में डिस्ट्रिक्ट कोर्ट की तरफ से अकाली दल के प्रधान सुखबीर बादल और सीनियर नेता विरसा सिंह वल्टोहा के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी हो चुके हैं। उन्हें आज कोर्ट में पेश होना है, अगर वे आज भी कोर्ट में पेश नहीं होते तो कोर्ट उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई कर सकती है।मिली जानकारी के अनुसार 1 अगस्त 2021 को थाना ब्यास में सुखबीर बादल के खिलाफ ब्यास दरिया में माइनिंग कर रही फ्रेंड्स एंड कंपनी ने शिकायत दर्ज करवाई थी। जिसके बाद थाना ब्यास में उनके खिलाफ कंपनी के वर्करों को डराने और कोविड नियमों की अनदेखी करने का मामला दर्ज कर लिया था। थाना ब्यास ने सुखबीर बादल व उनके साथ आए हुए व्यक्तियों के खिलाफ 269, 270, 188, 341, 506 IPC के अलावा 3 एपिडेमिक डिजीज एक्ट 1897 के तहत मामला दर्ज किया गया था।सुखबीर व वल्टोहा के अलावा कई नेता मामले में शामिलइस मामले में सुखबीर बादल के अलावा विरसा सिंह वल्टोहा, पूर्व विधायक अमरपाल सिंह बोनी, कंवलजीत सिंह, बलजीत सिंह, चंचल सिंह, चमकौर सिंह, कश्मीर सिंह, तरसेम संह, मनजिंदर सिंह, बलविंदर सिंह और संतोख सिंह आदि का नाम भी शामिल हैं।आदेशों के बाद भी नहीं हुए पेशमिली जानकारी के अनुसार पहले यह मामला बाबा बकाला साहिब कोर्ट में चलाया गया था, लेकिन सुखबीर बादल के सांसद होने के चलते इसे अमृतसर डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में भेजा गया। जहां चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट ने इसे देखना शुरू किया है। बार-बार बुलाने पर भी सुखबीर बादल ने सम्मन रिसीव नहीं किए। जिसके चलते 10 अक्टूबर का सुखबीर बादल व विरसा सिंह वल्टोहा के खिलाफ आज 3 नवंबर के लिए गैर जमानती वारंट जारी कर दिए गए।

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